जमीन के लिए जमकर खून की होली खेल गई। दो गुटों में पानी की तरह खून बहा, ग्रामीणों ने जमकर पत्थर बरसाए, पुलिस ने जमकर लाठिया भांजी। जानिए खूनी मैदान की पूरी कहानी...
घटना उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की है। सरौरा गांव में जमीन विवाद को लेकर शनिवार को हुई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि आठ लोग घायल हो गए। घायल को मेडिकल कॉलेज रेफर किए गए हैं जिनमें दो की हालत नाजुक है।
पढ़ें:- प्लास्टिक के बोरे से बह रहा था खून, खोलकर देखा तो पैरों तले खिसक गई जमीन
गोलीबारी से गुस्साए ग्रामीणों ने पत्थरबाजी की और शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठियां फटकारकर जाम लगा रहे लोगों को हटाया। साथ ही गोली चलाने के आरोप में तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है। मौके पर पीएसी को तैनात कर दिया गया है।
मृतक इन्द्रजीत
- फोटो : अमर उजाला
रुद्रपुर के जोकहा खास के मूल निवासी हरिशंकर पांडेय राघवनगर में रहते हैं। हरिशंकर ने देवरिया-रुद्रपुर मार्ग पर सरौरा चौराहे पर पेट्रोल पंप लगाने के लिए जमीन खरीद रखी है। इस जमीन को लेकर विवाद है। गांववाले जमीन पर पेट्रोल पंप लगाने का एनओसी देने का विरोध कर रहे थे।
पढ़ें:- पहले बांके से काटा, मन नहीं भरा तो की और खतरनाक दरिंदगी
शनिवार की सुबह हरिशंकर पांडेय लाव-लश्कर के साथ विवादित जमीन पर पहुंचे। उन्होंने बढ़या बुजुर्ग के नरेंद्र प्रताप ऊर्फ संजय सिंह को बातचीत के लिए बुलाया। संजय के पहुंचते ही हरिशंकर के आदमी उस पर टूट पड़े और पीटकर जख्मी कर दिया। यह देख गांववाले ईंट-पत्थर लेकर दौड़ पड़े।
मृतक सत्यप्रकाश
- फोटो : अमर उजाला
भीड़ देखकर हरिशंकर के साथ आए लोगों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी। गोली लगने से ग्रामीण रामप्रवेश ऊर्फ कोहली (25) पुत्र शुकुल चौहान की मौके पर मौत हो गई। रामप्रवेश की मौत पर गांववाले भड़क गए और पत्थरबाजी शुरू कर दी।
पढ़ें:- कलयुगी बेटे ने बेरहमी से काट दी पिता की गर्दन, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान
जवाब में चली गोलियों से इंद्रजीत कुशवाहा (22) पुत्र नथुनी कुशवाहा, सत्यप्रकाश (20) पुत्र बैजनाथ कुशवाहा, विजय राजभर (50) पुत्र भोला और रामप्रवेश (40 वर्ष) पुत्र मुखलाल घायल हो गए। इंद्रजीत को जिला अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। सत्यप्रकाश ने मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया।