बरेली के नवाबगंज के गांव देवरनियां जागीर में दो सगी बहनों पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की घटना सुलझाने में पुलिस दूसरे दिन भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। मौके से बरामद हुए दो मोबाइल फोन बेकार निकल गए। एक में सिम ही नहीं मिला तो दूसरा मोबाइल भी खराब निकला। तीसरे मोबाइल से बात होने का पता चला। इसके आधार पर ही पुलिस ने आगे की पड़ताल शुरू की है।
दो सगे भाई और एक महिला समेत सात लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। थाना क्षेत्र के गांव देवरनियां जागीर निवासी मजदूर नसरुद्दीन की 19 वर्षीय बेटी गुलशन और 17 वर्षीय फिजा पर बुधवार रात दो बजे अराजक तत्वों ने पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी।
दोनों बहने गंभीर रूप से झुलस गई थी, जिनका इलाज लखनऊ में चल रहा है। इधर, पुलिस किसी नतीजे पर पहुंचती नजर नहीं आ रही है। पुलिस को मौके से मिले दो मोबाइल भी बेकार निकले। एक मोबाइल से ही बात होना पाया गया। कॉल डिटेल के मुताबिक एक की बात दिल्ली में रहने वाले तो दूसरी की बात पड़ोस के ही गांव रूपपुर में किसी से होती थी। इससे पहले दिल्ली में रहने वाले के भाई से भी बात होना पाया गया।
गांव में पसरा सन्नाटा, पुलिस रख रही पैनी नजर
प्रतीकात्मक तस्वीर
सिलाई सिखाने वाली महिला से भी पूछताछ
गांव में ही एक महिला सिलाई सेंटर चलाती है। इस सेंटर पर फिजा सिलाई सीखने जाती थी। इसलिए पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की है।
गांव में पसरा सन्नाटा, पुलिस रख रही पैनी नजर
दो बहनों पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। परिवार के अलावा गांव में भी इसकी खासी दहशत है, जिससे दूसरे दिन गांव में सन्नाटा पसरा रहा। पुलिस ने भी गांव में आने जाने वाले हर शख्स पर निगाह रखी। वहीं पीड़ित परिवार के बच्चे अपनी रिश्तेदारी में चले गए हैं।