तमिलनाडु में चाय की दुकान चलाने वाले एक व्यक्ति को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब वह बैंक से लोग लेने पहुंचा। वह 20 हजार रुपये का लोन लेने के लिए बैंक गया था।
बाद में उसे बताया गया कि उसके नाम पर पहले से ही तीन लाख रुपये का लोन चल रहा है। उसे बैंक मैनेजर ने बताया कि उसके नाम पर पहले से ही तीन लाख रुपये का लोन लिया गया है, जिसे अभी तक चुकाया नहीं गया। इस कारण से उसे 20 हजार का लोन नहीं दिया जा सकता।
41 वर्षीय मुरुगेसन कामाकृष्णापुरम की गली में ही चाय की दुकान चलाता है। उसने अपनी दुकान को बड़ा करने का विचार किया जिसके लिए उसे 20 हजार रुपये की जरूरत थी। जिसके बाद वह राष्ट्रीयकृत बैंक पहुंचा। वहां उसका अकाउंट है।
मुरुगेसन ने पुलिस को बताया कि जब वह लोन के लिए बैंक पहुंचा तो अधिकारियों ने उससे पूछा कि क्या उसने पहले कभी लोन लिया है। उसने मना कर दिया और कहा कि वह पहली बार लोन लेेने आया है।
बैंक वालों ने जब उसके डॉक्यूमेंट चेक किए कि कहीं उसने किसी और बैंक से तो कोई लोन नहीं लिया तो उन्हें पता चला कि मुरुगेसन के नाम पर एक क्रेडिट कार्ड और 3 लाख रुपये का लोन लिया गया है। कागजातों में उसे तीन कंपनियों का मालिक भी बताया हुआ है।
पुलिस ने बताया कि बैंक अधिकारियों को बाद में इस बात का पता चला कि किसी दूसरे नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस से मुरुगेसन के मतदाता पहचान पत्र और क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया गया था।