ट्रेनी पत्रकार के साथ यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे वरिष्ठ पत्रकार तरुण तेजपाल के खिलाफ कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। आरोपों पर अब 21 नवंबर से सुनवाई शुरू होगी। हालांकि इससे पहले खबर आई थी कि अदालत ने तेजपाल को दोषी करार दे दिया है। लेकिन बाद में साफ हुआ कि उन्हें रेप केस में दोषी नहीं माना गया, उनके खिलाफ आरोप तय हुए हैं। सरकारी वकील फ्रांसिस्को टेवेरा के अनुसार तेजपाल के खिलाफ 341, 342, 354 A&B, 376 sub section 2 के तहत आरोप तय किए गए हैं।
Charges are framed and have been explained to Tarun Tejpal. He has pleaded not guilty to rape charge: Francisco Taviera, Public Prosecutor pic.twitter.com/01vMoKBO25
— ANI (@ANI) September 28, 2017
#CORRECTION: Tarun Tejpal has pleaded not guilty to all charges says Tarun Tejpal's lawyer
— ANI (@ANI) September 28, 2017
#WATCH: Initial confusion caused as Public Prosecutor Francisco Taviera had mentioned "Tarun Tejpal pleaded guilty to all of them (charges)" pic.twitter.com/hGL1Vn3DrN
— ANI (@ANI) September 28, 2017
बता दें कि तेजपाल पर अपनी जूनियर सहकर्मी का लिफ्ट में यौन उत्पीड़न का आरोप लगे थे। चार्जशीट की कॉपी तेजपाल को सौंपी गई थी।
ट्रायल रोकने की मांग की थी
इससे पहले तरुण तेजपाल ने अपने खिलाफ निचली अदालत में चल रहे ट्रायल पर रोक लगाने की मांग को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया था। उन्होंने निचली अदालत में आरोप तय किए जाने पर रोक की भी मांग की थी।
हाईकोर्ट ने निचली अदालत में आरोप तय करने पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी। हालांकि बॉम्बे हाई कोर्ट ने निचली अदालत में ट्रायल पर रोक लगाने का आदेश दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि उसके आदेश के बाद ही ट्रायल शुरू हो सकता है।
क्या है पूरा मामला?
मामला नवम्बर 2013 का है, तेजपाल के साथ काम करने वाली युवा महिला पत्रकार ने आरोप लगाते हुआ था कि गोवा में थिंक फेस्ट के दौरान एक पांच सितारा होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल (50) ने उनका यौन उत्पीड़न किया।
जिसके बाद महिला पत्रकार ने तहलका से इस्तीफा दे दिया था, बाद में तरुण तेजपाल ने भी 30 नवम्बर 2013 को संपादक पद से अपने पद से इस्तीफा दिया था। मीडिया में पीड़िता, तेजपाल और तहलका की तत्कालीन मैनेजिंग एडिटर शोमा चौधरी के बीच बातचीत की ईमेल भी पब्लिश हुई थी।