तेजस एक्सप्रेस के बाद, वाराणसी-वड़ोदरा के बीच चलने वाली महामना एक्सप्रेस में भी यात्रियों द्वारा चोरी की खबर आ रही है। शुक्रवार को पीएम मोदी ने विडियो लिंक के जरिए इस ट्रेन की शुरुआत की थी।
अपनी पहली ट्रिप पूरी कर ट्रेन जैसे ही वाराणसी से वड़ोदरा पहुंची तो यार्ड में ट्रेन देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। वड़ोदरा पहुंचने के बाद ट्रेन के डिब्बों से 3 नल, 4 शावर सेट और डिब्बों के बीच में लगे 2 पायदान चोरी हो चुके थे।
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ट्रेन में यात्रियों द्वारा की गई गंदगी
सीट और टॉयलेट्स की बना दी गत
सीटों और टॉयलेट्स की हालत तो बेहद खराब थी। शीशे लगभग टूटने की स्थिति में थे तो सीटों पर स्क्रैच किया जा चुका है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह सब किसने किया इस बारे में तो कोई जानकारी नहीं है। लेकिन जिन्होंने भी ऐसा किया है, निश्चित रुप से उन्हें पब्लिक प्रॉपर्टी की कोई कद्र नहीं है।
वेस्टर्न रेलवे के चीफ पीआरओ रवींद्र भाकर ने बताया, 'हम पैसेंजर्स को आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग डिब्बों से नल और शावर जेट चुरा कर ले गए। डिब्बों की हालत भी काफी खराब थी।'
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'महामना' पंडित मदन मोहन मालवीय
इसलिए दिया गया था 'महामना' नाम
भारतीय रेल का चेहरा बदलने की दृष्टि से महामना एक्सप्रेस लॉन्च की गई थी। बीएचयू की स्थापना करने वाले महामना मदन मोहन मालवीय के नाम पर इसे महामना एक्सप्रेस का नाम दिया गया था।
बता दें कि इस साल मई में मुंबई और गोवा के बीच शुरू हुई तेजस एक्प्रेस में भी इस तरह का मामला सामने आया था, जब यात्री ट्रेन में लगे हेडफोन तक वहां से ले गए थे। यहां तक कि कुछ एक एलईडी भी चोरी हो गए थे।
कई आधुनिक सुविधाओं से लैस थी ट्रेन
ट्रेन में यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं दी गईं थीं। मॉड्युलर टॉयलेट, बड़ा शीशा, एग्जास्ट फैन, एलईडी लाइट, डस्टबिन, डिजाइनर सीट्स और बर्थ, पैसेंजर एड्रेस सिस्टम और जीपीएस बेस्ड पैसेंजर्स इन्फॉर्मेशन सिस्टम जैसी सुविधाएं इस ट्रेन में दी गईं थीं।
दिल्ली से वाराणसी चलने वाली पहली महामना एक्सप्रेस ट्रेन को पीएम मोदी ने पिछले साल जनवरी में हरी झंडी दिखाई थी। शुक्रवार को मोदी ने विडियो लिंक के जरिए वड़ोदरा से वाराणसी को चलने वाली ट्रेन की शुरू थी।