फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तमिलनाडु: छात्रा की मौत के बाद गैर इरादतन हत्या के आरोप में ट्रेनर गिरफ्तार

Sat, 14 Jul 2018 03:37 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
drill
विज्ञापन

तमिलनाडु के कोयंबतूर शहर में आपदा प्रबंधन की ड्रिल के दौरान एक कॉलेज की दूसरी मंजिल से कूदने पर एक 19 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में पुलिस ने ट्रेनर को गिरफ्तार कर लिया है। उसे आईपीसी की धारा 304 (हत्या की श्रेणी में न आने वाली गैर इरादतन हत्या) के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि जब छात्रा कूदने से हिचक रही तो ट्रेनर अरुमुगन उसे कूदने के लिए कह रहा था। ऐसा प्रतीत होता है कि उसने उसे धक्का दिया था।

विज्ञापन


बता दें मामला शहर के लोकेश्वरी स्थित कोवई कलईमगल कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस का है। यहां गुरुवार को ट्रेनिंग के समय ग्रेजुएशन सेकेंड ईयर की छात्रा को बिल्डिंग की दूसरी मंजिल से कूदने को कहा गया था। वह उस वक्त पूरी तरह तैयार नहीं थी। वहीं नीचे खड़े छात्रों ने हाथ में नेट पकड़ा हुआ था कि यदि वह छात्रा गिरे तो उसे बचाया जा सके। यह सभी उस ट्रेनिंग का हिस्सा था। इसी दौरान जब वह कूदी तो पहली मंजिल पर लगे सनशेड से टकरा गई।

जानकारी के मुताबिक जब वह कई बार बोलने के बाद भी नहीं कूदी तो उसके पीछे खड़े ट्रेनर ने उसे धक्का दे दिया। उस वक्त वहां कॉलेज के अन्य छात्र और स्टाफ भी मौजूद था। जब ट्रेनर ने उसे धक्का दिया तो वह अनियंत्रित होकर बिल्डिंग से नीचे गिर गई। जिसके बाद उसे काफी चोटें भी आ गईं। इसके बाद छात्रा को तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे सरकारी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसे सिर और गले में बहुत चोटें आई थीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने पीड़ित के परिवार को दिया मुआवजा

इससे पहले ट्रेनर ने कहा था कि उसके पास ऐसे ड्रिल करीने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की ओर से  प्रमाणपत्र है। लेकिन मीडिया रिलीज के दौरान एनडीएमए ने कहा कि वह इस ड्रिल से जुड़े हुए नहीं थे। इस मामले में एनडीएमए शामिल नहीं है। साथ ही ऐसे ड्रिल कराने के लिए ट्रेनर को भी प्राधिकरण की ओर से अधिकृत नहीं किया गया था। एनडीएमए पर्याप्त तैयारी और सुरक्षा उपायों के बिना किसी भी ड्रिल को मंजूरी नहीं देता है।

आरोपी ट्रेनर 15 मई को अपने साथ एक लेटरहेड लेकर कॉलेज पहुंचा था। जिस पर एनडीएमए का लोगो था। पुलिस का कहना है कि वह कई कॉलेज में ड्रिल प्रोग्राम कर चुका है। वह खुद को आपदा प्रबंधन और प्राथमिक चिकित्सा का ट्रेनिंग अफसर बताता है। उसके लेटरहेड पर एनडीएमए के दिल्ली स्थित ऑफिस का पता भी लिखा था। उसने पुलिस को बताया कि उसने यहीं से डिप्लोमा किया था और उसे शिक्षण संस्थानों में आपदा प्रबंधन के प्रोग्राम करवाने के लिए केंद्र द्वारा भुगतान किया जाता है।

मामले पर वरिष्ठ पुलिस अफसर का कहना है कि वह अरुमुगन के बैंक अकाउंट, एनडीएमए से जुड़े होने की बात, उसकी तनख्वा आदि की जांच कर रहे हैं। राज्य के मुख्यमंत्री ई के पलानीस्वामी ने छात्रा की मौत पर शोक जताते हुए कहा कि उन्होंने पुलिस और उच्च शिक्षा विभाग से उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा है जिन्होंने बिना मंजूरी के लिए ड्रिल आयोजित की। उन्होंने पीड़िता के परिवार को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने की भी घोषणा की।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें