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केरल चर्च यौन शोषण मामला: उच्चतम न्यायालय ने दो आरोपी पादरियों को दिया आत्मसमर्पण करने का आदेश

Mon, 06 Aug 2018 02:53 PM IST
नयी दिल्ली, भाषा
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उच्चतम न्यायालय ने एक विवाहित महिला से यौन शोषण करने वाले दो पादरियों को 13 अगस्त तक आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। साथ ही उन्हें गिरप्तारी में अंतिम संरक्षण भी रद्द कर दिया गया है। न्यायमूर्ति ए के सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने कहा कि दोनों पादरियों को एक बार आत्मसमर्पण करने के बाद नियमित जमानत की अपील करने की आजादी है।

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पीड़िता के वकीलों ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने इंटरनेट पर कुछ वीडियो अपलोड किए और उन्होंने उसे ब्लैकमेल करने के लिए वीडियो का इस्तेमाल भी किया। इससे पहले न्यायालय ने मालंकारा सीरियन ऑर्थोडॉक्स चर्च के चार पादरियों से जुड़े यौन शोषण मामले की अब तक की जांच के बारे में पुलिस से स्थिति रिपोर्ट दायर करने के लिए कहा था।

दो पादरियों फादर सोनी वर्गीज और फादर जेस के जॉर्ज ने 19 जुलाई को गिरफ्तारी से संरक्षण मांगा था। उन्होंने अपील की थी कि उच्चतम न्यायालय जब तक उनकी अग्रिम जमानत याचिकाओं पर फैसला नहीं देता तब तक उन्हें गिरफ्तारी से संरक्षण दिया जाए। केरल उच्च न्यायालय से 11 जुलाई को याचिका खारिज होने के बाद पादरियों ने अग्रिम जमानत के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
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मालंकारा सीरियन ऑर्थोडॉक्स चर्च के चार पादरियों पर 34 वर्षीय विवाहित महिला के चर्च के समक्ष कबूलनामे का इस्तेमाल करके उससे यौन शोषण करने का आरोप है। मामले में दो आरोपियों ने पहले ही आत्मसमर्पण कर दिया है।

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