गोरखपुर में बाढ़ में घिरे विशुनपुरा गांव में कच्चे मकान का कुछ हिस्सा गिरने से मलबे में दबकर मुन्नी देवी (55) की मौत हो गई। अंतिम संस्कार के लिए लाश को बाहर निकालने की व्यवस्था न होने से नाराज ग्रामीणों ने ट्यूब की जुगाड़ वाली नाव के सहारे निकाला और बालापार रोड के महुआतर रेलवे क्रॉसिंग पर रखकर जाम लगा दिया।
आधे घंटे बाद गोरखपुर से नौतनवां जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस को रोक दिया। सूचना पर पहुंचे एसपी सिटी, एसपी क्राइम ने मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर शव को हटाकर ट्रेन को रवाना किया।
शनिवार की सुबह 11:45 बजे महिला का शव लेकर ग्रामीण रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंचे। इसी बीच आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। सरकारी व्यवस्था से नाराज ग्रामीण ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को हटाने की मांग कर रहे थे।
उनका कहना था कि सूचना देने के बाद भी लापरवाही बरती। पुलिस और ग्रामीणों के बीच बातचीत चल रही थी कि दोपहर 12.:25 बजे नौतनवां इंटरसिटी आ गई। रेलवे ट्रैक पर भीड़ देखकर गेटमैन ने हरी झंडी नहीं दिखाई और ड्राइवर ने ट्रेन रोक दी।
करीब आधे घंटे बाद फोर्स के साथ पहुंचे एसपी सिटी विनय सिंह, एसपी क्राइम आलोक शर्मा, सीओ गोरखनाथ चारु निगम ने माइक से एनाउंस कर काफी देर तक ग्रामीणों को समझाया और राहत एवं बचाव कार्य में बाधा न पहुंचाने की अपील की। उधर, ट्रेन में सवार यात्री भी मौके पर पहुंच गए। कुछ देर बाद ग्रामीणों ने शव का हटाने दिया। इसके बाद करीब 1.25 बजे ट्रेन को रवाना किया गया।