बिहार के छपरा जंक्शन पर रेलवे पुलिस फोर्स (आरपीएफ) पोस्ट में पुलिसकर्मियों ने नाबालिग बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया। उन्होंने पुलिस थाने में ही उसके साथ रातभर दुष्कर्म किया। बच्ची भटककर रेलवे स्टेशन पहुंच गई थी। जवानों द्वारा इस तरह की घिनौनी हरकत किए जाने की वजह से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस मामले की जांच की जा रही है।
आरपीएफ जवानों द्वारा की गई दरिंदगी की बात सामने आने पर बालिका गृह के अधीक्षक ने महिला थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। उन्होंने इसके बारे में जिलाधिकारी सहित सभी वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद आरपीएफ के आईजी राजाराम ने इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं। आदेश मिलने के बाद सहायक सुरक्षा कमांडेंट ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
घटना 29 अक्तूबर की है। आरपीएफ जवानों को नाबालिग लड़की संदिग्ध हालत में शाम के सात बजे छपरा जंक्शन के बाहर मिली। आरपीएफ जवान उसे लेकर आरपीएफ पोस्ट पहुंचे। वह उसे छपरा जंक्शन पर खुले चाइल्ड लाइन को सौंपने के लिए लेकर गए। हालांकि वहां के कर्मचारी ने यह कहते हुए लड़की को लेने से मना कर दिया कि यहां कोई महिला कर्मचारी नहीं है।
आरपीएफ जवान लिखित रूप में एक महिला कांस्टेबल के सरकारी आवास पर ले जाकर लड़की को सुपुर्द कर दिया। लेकिन वह उसे कांस्टेबल के घर रखने की बजाए आरपीएफ पोस्ट लेकर आ गए। यहां उसे उप-निरीक्षक के कमरे में बंद कर दिया गया। फिर रातभर उसके साथ सामूहिक
दुष्कर्म किया गया। सुबह जब उसने अपनी आपबीती महिला कर्मचारी और महिला कांस्टेबल को बताई तो आरपीएफ जवानों ने पिटाई करके उसे चुप करवा दिया।
इसके बाद बच्ची को बालिका गृह को सौंप दिया गया। जब उसने अपने साथ हुई हैवानियत के बारे में बालिका गृह के अधीक्षक को बताया तो वह चौंक गए। उन्होंने बिना देर किए घटना के बारे में अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। अधिकारियों के निर्देश पर लड़की की सदर अस्पताल में मेडिकल जांच हुई। जिसके बाद मामले में एफआईआर दर्ज हुई।