सोनभद्र के रामगढ़ में पुलिस की मौजूदगी में दुष्कर्म पीड़ित ने फांसी लगाकर जान दे दी। दुष्कर्म पीड़ित और उसके पिता पर बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा था। इससे खफा रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव में दुष्कर्म पीड़ित छात्रा (17) ने पुलिस की मौजूदगी में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस की जीप से ही शव को जिला अस्पताल लाया गया।
रास्ते में एसओ ने छात्रा के पिता से मामले को दबाने के लिए फिर सौदेबाजी करने की कोशिश की। उधर सूचना पर शनिवार सुबह जिलाधिकारी पीके उपाध्याय ने पोस्टमार्टम हाउस पर दुष्कर्म पीड़िता के पिता से घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद एसओ सत्येंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
10 जून को डुमरिया गांव की 17 साल की छात्रा संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी। छात्रा के पिता ने घटना की सूचना पुलिस को दी। लेकिन एसओ ने मुकदमा दर्ज करने के नाम पर एक माह तक पिता को दौड़ाया।
11 जुलाई को मामला संज्ञान में आने पर एसपी के निर्देश पर पुलिस ने कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी निवासी श्रवण कुमार, डुमरिया के विनोद तिवारी, पीड़ित पिता के भाई की पत्नी, महिमा और कल्पना के खिलाफ अपहरण और बलात्कार का मुकदमा दर्ज किया। 27 जुलाई को पुलिस ने करमांव तिराहे से छात्रा को बरामद किया।
साथ में श्रवण कुमार और विनोद तिवारी को गिरफ्तार किया गया। मगर बाकी आरोपियों पर कार्रवाई के नाम पर पुलिस चुप रही। पिता के मुताबिक शुक्रवार शाम 6.30 बजे के करीब पुलिस की जीप आरोपी बनाई गई सुशीला के घर दिखी। वहां रामपुर बरकोनिया एसओ सत्येंद्र कुमार और चार पांच सिपाही मौजूद थे।