फल वाले को पीटते एमएनएस कार्यकर्ता
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मुंबई के घाटकोपर में राजठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी का एक और मामला सामने आया है। कार्यकर्ताओं ने इलाके में फल बेचने वाले उत्तर भारतीयों को बुरी तरह पीटा है। गैर-मराठी होने की वजह से इन गरीब फल वालों के ठेले पलट दिए गए, जिसकी वजह से उनका भारी नुकसान भी हो गया है।
माना जा रहा है कि मुंबई में आने वाले बीएमसी चुनाव को लेकर राज ठाकरे ने कमर कस ली है और इसी के चलते उत्तर भारतीयों पर हमले किए जा रहे हैं। ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है, जब कार्यकर्ताओं ने गैर मराठियों पर हमला किया हो और उन्हें महाराष्ट्र छोड़ने के लिए बाध्य किया गया हो।
#WATCH Mumbai (7.9.16): Hooliganism by MNS workers in Ghatkopar area, fruit vendor thrased (source: unverified) pic.twitter.com/iJ6wbpKIRc
— ANI (@ANI_news) September 8, 2016
इससे पहले भी यूपी, बिहार, और दिल्ली के आए लोगों को मराठी बोलने के लिए मजबूर किया गया था और कहा गया था कि अगर वह मराठी में बात नहीं करेंगे तो उनके साथ ऐसा ही बर्ताव अपनाया जाएगा। बताते चलें कि हाल ही में मनसे कार्यकर्ताओं ने बिहारियों को निशाना बनाया था क्योंकि बोईसर इलाके के एक सिनेमा हॉल में भोजपुरी फिल्म को पोस्टर लगे थे। इस बीच वहां कार्यकर्ता पहुंचे और उन्होंने पोस्टर फाड़ने के साथ उत्तर भारतीयों के साथ मारपीट भी की।
उत्तर भारतीयों पर हमले के बाद राजनीतिक वाद-विवाद छिड़ गया था। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने राज के अभियान पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि उनके पुरखों का ताल्लुक भी बिहार से है। जबकि, हिसार की एक अदालत ने राज ठाकरे के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।