प्रापर्टी डीलर योगेश दत्त पांडेय की हत्या में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सीसीटीवी की मदद से पुलिस कातिलों तक पहुंची। जानिए क्यों हुई थी योगेश की हत्या....
घटना उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की है। खोराबार की न्यू शिवपुरी कॉलोनी के रहने वाले प्रापर्टी डीलर योगेश दत्त पांडेय की हत्या 10 नवंबर को उनके प्रोफेसर मित्र के पुत्र राहुल राय ने अपने साथियों के साथ मिलकर की थी।
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पूछताछ में पता चला है कि उधार के 16 लाख रुपये के तगादे के दौरान बार-बार के दुर्व्यवहार से परेशान होकर राहुल ने अपने स्कूल लिटिल स्टार एकेडमी में योगेश की हत्या कर दी और फिर शव ले जाकर कैंपियरंगज में फेंक दिया।
पुलिस ने राहुल राय और उसके सहयोगी राहुल पांडेय को गिरफ्तार कर वारदात का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस लाइंस में एसपी सिटी विनय सिंह ने मीडिया को बताया कि योगेश और राहुल के बीच अच्छी दोस्ती थी। राहुल को अपने स्कूल का निर्माण कार्य कराना था।
फाइल
- फोटो : सांकेतिक चित्र
इसके लिए उसने योगेश से आर्थिक मदद मांगी। योगेश ने खुद और अपने कुछ साथियों दस प्रतिशत ब्याज पर लेकर 16 लाख रुपये राहुल राय को दे दिए, लेकिन राहुल रकम का ब्याज भी नहीं चुका पा रहे थे।
इधर, देनदारी बढ़कर 22 लाख रुपये हो गई। इसे लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। योगेश ने स्कूल स्टॉफ के सामने ही उसे गाली दे दी। इसके बाद राहुल राय ने बदला लेने की योजना बनाई।
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उसने दस नवंबर को रुपये देने के लिए योगेश को बुलाया और फिर स्कूल कर्मचारी राहुल पांडेय और दोस्त राहुल यादव की मदद से गमछे से गला कसकर योगेश की हत्या कर दी। नाक से खून निकलने पर उसे साफ किया और फिर प्लास्टिक में लपेटकर कार से शव ले जाकर कैंपियरगंज में फेंक दिया।
प्रतीकात्मक तस्वीर
पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त कार और योगेश की गायब बाइक बरामद कर ली है। हत्या में शामिल आरोपियों की पहचान इंद्रानगर निवासी राहुल राय, देवरिया के खामपार, बखरी बाजार निवासी राहुल पांडेय और पीपीगंज के धर्मपुर निवासी राहुल यादव के रूप में हुई।
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योगेश दत्त पांडेय के मोबाइल से हुई बातचीत के आधार पर पुलिस राहुल राय के स्कूल स्थित आफिस पहुंची। यहां सीसीटीवी कैमरा बंद कर दिया गया था, लेकिन मुख्य एंट्री गेट का कैमरा चालू था जिसमें योगेश के दाखिल होने का पता चल गया।
इसके बाद ही पुलिस को यकीन हो गया। उसने जब राहुल राय को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो उसने सारी हकीकत बयां कर दी। पुलिस के अनुसार राहुल ने योगेश की हत्या की योजना तीन दिन पहले सात नवंबर को ही बना ली थी। वह स्कूल का कैमरा चार बजे ही बंद कर देता था।