कर्नाटक में अस्पताल प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। एक बार फिर एक लाचार परिवार को अपने मृत सदस्य की लाश को इस तरह ढोना पड़ा है कि उनकी तस्वीर वायरल हो रही है। ये सब तुमाकुरु जिले के वीरापुरा गांव में हुआ है जहां, बेटी की मौत के बाद परिजनों ने उसकी लाश का बाइक पर ले जाने का फैसला किया।
बताया जा रहा है कि लड़की की मौत दवाइयों के ओवरडोज की वजह से हुई है। तबीयत खराब होने पर परिवार वाले उसे एक हकीम के पास ले गए थे। हकीम की दवाई से लड़की की तबीयत ठीक भी हुई, लेकिन अगले दिन फिर उसकी हालत नाजुक हो गई। परिजन तुरंत लड़की को अस्पताल लेकर भागे, जहां उसे इलाज नहीं मिला। परेशान परिजन दोबारा हकीम के पास लड़की को लेकर गए तो वह उन्हें नहीं मिला।
आखिर में लड़की को फिर से अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने उसकी लाश को बाइक पर ले जाने का फैसला लिया। ऐसे व्यवहार के बाद एक बार फिर लोगों के प्रति अस्पताल प्रशासन का क्रूर व्यवहार सामने आया है।
Tumkur(Karnataka): Family claims girl died in Govt hospital due to lack of doctors or ambulance, say shifted daughter's body on moped pic.twitter.com/h0xtQWjERC
— ANI (@ANI_news) February 20, 2017
पिता बोले, अस्पताल की ओर से की गई लापरवाही
- फोटो : ANI
लड़की के पिता ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टर के नहीं होने की वजह से उनकी बच्ची को टाइम पर इलाज नहीं मिल पाया। अगर ऐसा नहीं हुआ होता तो आज उनकी बेटी उनके बीच होती है। बताया जा रहा है कि लड़की अपनी उम्र के हिसाब से दिमागी तौर पर बढ़ भी नहीं पाई थी। लेकिन पिता ने कहा कि उनकी बेटी उनके खाना खा लेने के बाद ही खाना खाती थी।
जिला स्वास्थय एवं परिवार कल्याण के अधिकारी ने कहा कि लड़की के परिजनों ने सुविधाएं का इस्तेमाल नहीं किया। हालांकि मामले की जांच की जा रही है कि हकीम के पाए परिवार गया था या नहीं।
दरअसल, हकीमों से इलाज कराने और तबीयत हद से ज्यादा बिगड़ जाने के यहां कई मामले सामने आते हैं। हालांकि इस गांव में हकीमों के इलाज का विरोध भी किया जाता है। बताया जाता है कि करीब 150 हकीमों को पकड़ा जा चुका है।
Tumkur(Karnataka): Family claims girl died in Govt hospital due to lack of doctors/ambulance, father says shifted daughter's body on moped. pic.twitter.com/Ab290iRpjK
— ANI (@ANI_news) February 21, 2017