ठाणे पुलिस ने सहायक पुलिस निरीक्षक (API) की बेटी से कथित तौर पर बलात्कार और हत्या करने के चलते दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपी का दोस्त जिसने कथित तौर पर मृतका की लाश को ठिकाने लगाने में आरोपी की मदद की, गिरफ्तार कर लिया गया है।
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दोनों अपराधियों ने अपना अपराध कबूल लिया है। दोनों अपराधियों को पुलिस ने लाश को ठिकाने लगाने जाते वक्त रत्नागिरी से गिरफ्तार किया।
मृतका की उम्र 22 साल थी वह नागपुर की रहने वाली थी और उपनगरीय मुंबई में आईटी फर्म में काम कर रही थी।
हाल ही में वह इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद शहर में आई थी। पुलिस के अनुसार, मृतिका एक आरोपी निकलेश पाटिल की दोस्त थी। निकलेश भी नागपुर का था और दोनों ने साथ ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
पुलिस ने बताया कि, रविवार को पाटिल अपने दोस्त निलेश खोबरागड़े के साथ नागपुर से पुणे गया और अपनी दोस्त( मृतका) से पुणे में मिला। उन्होंने मुंबई में लड़की को छोड़ने का फैसला किया, जहां वह पिछले दो महीनों से रह रही थी।
हालांकि, रात में उन्होंने सह-अभियुक्त, अक्षय वोलोदे के मुंबई के बाहरी इलाके के अम्बरनाथ निवास पर रुकने का फैसला किया। पाटिल और वाल्दे ने कथित रूप से लड़की के साथ बलात्कार किया जब पीड़िता ने पुलिस को शिकायत करने की धमकी दी तो उन्होंने उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने कहा कि आरोपी ने उसके शरीर को एक सूटकेस में भर दिया। अपराध के समय, खोबरागड़े अपने अम्बरनाथ घर में नहीं थे। उनकी वापसी पर, दो आरोपियों ने कथित तौर पर गोवाजाने पर जोर दिया। बेलागावी तक पहुंचने के बाद, पाटील और वैलोड ने सूटकेस को एक नाली लाइन में फेंक दिया।
इसके बाद तीनों ने रत्नागिरि पुलिस को आत्मसमर्पण कर दिया और खोबरागड़े के बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। इस केस को ठाणे पुलिस को रेफर कर दिया गया है।
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दो अपराधियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2) (जी) (30) (हत्या), 201 (सबूतों को नष्ट करने) और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।