देश में छेड़खानी और रेप की घटनाएं इतनी बढ़ती जा रही हैं कि घर से बाहर तो दूर की बात महिलाएं अपने घर पर भी सुरक्षित नहीं हैं। अपनों के बीच भी उनके साथ कब क्या हो जाए ये कोई नहीं बता सकता। रिश्तों को तार-तार करने वाला ऐसा ही एक मामला इंदौर से भी आया है।
यहां एक 15 वर्षीय लड़की अपने ही भाई की हवस का शिकार हुई है। बुधवार रात करीब 12 बजे क्षेत्र में एमराल्ड हाइट्स स्कूल के बाहर सड़क पर जब पीड़िता खड़ी थी तब वहां से गुजर रहे लोगों ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर फोन किया। जिसके थोड़ी बाद पुलिस चाइल्ड लाइन टीम के साथ वहां पहुंच गई। पीड़िता को जिला अस्पताल ले जाया गया। वह बहुत घबराई हुई थी और उसके साथ क्या हुआ वह ये बात कई बार पूछने के बाद भी नहीं बता रही थी। उसकी प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में पता चला कि वह 5 महीने की गर्भवती है।
देवास जिले के उदयपुर थाने के पिपरी बाजार की रहने वाली पीड़िता इतनी डरी हुई थी कि लोग उसे मंदबुद्धि समझने लगे। अगले दिन गुरुवार को दोबारा उससे पूछताछ की गई फिर भी वह रो रही थी और एक शब्द भी नहीं बोली। इसके बाद शाम को उसने अपनी चुप्पी तोड़ी और आपबीती बताई। करीब 12 घंटे चली काउंसलिंग के बाद उसने अपने साथ हुए दुष्कर्म के बारे में बताया।
उसने बताया कि वह आठवीं कक्षा में पढ़ती है और उसके चचेरे भाई ने उसके साथ दो बार
रेप किया। उसके भाई ने उससे यह भी कहा कि यदि वह इस बारे में किसी को बताएगी तो उसे जान से मार दिया जाएगा। उसने बताया कि इस धमकी से वह डर गई थी। फिर कुछ समय बाद उसे पता चला कि वह गर्भवती है जिस कारण वह अपने माता-पिता का सामना नहीं कर पा रही थी।
वह अपनी मां के साथ अपनी बड़ी बहन के घर आई थी, घर वापिस जाते वक्त जब उसकी मां बस में बैठ गई तो वह बस से उतर गई। पीड़िता की काउंसलिंग चाइल्ड लाइन समन्वयक जितेंद्र परमार ने की। फिलहाल आश्रय गृह में ठहरी पीड़िता के परिवार से संपर्क हो चुका है, जो शुक्रवार को उसे लेने पहुंच जाएंगे।