महाराष्ट्र के नागपुर से एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। यहां के रहने वाले दीपक (35) पर बीते वर्ष अपनी पत्नी की हत्या करने का आरोप लगा था। इस मामले के चलते उसे कुछ दिनों पहले गिरफ्तार कर नागपुर जेल भी भेजा गया। लेकिन अब पुलिस ने अचानक उस पर लगे सारे चार्ज वापस ले लिए हैं। पुलिस का कहना है कि उसकी पत्नी जिंदा है।
यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ता और एक्टिविस्ट उदय सिंह ने विपक्ष के नेता राधाकृष्ण को पत्र लिख कर कहा है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करें। उन्होंने पत्र में कहा है कि यह ग्रामीण पुलिस की बहुत बड़ी लापरवाही है। पुलिस ने चार्टशीट में भी ये बात लिखी थी कि दीपक ने अपना गुनाह मान लिया है। सिंह का कहना है कि पुलिस द्वारा की गई लापरवाही ठीक नहीं थी। अब दीपक को इसकी क्षतिपूर्ति की भरपाई की जानी चाहिए।
बताया जा रहा है कि बीते साल के आखिरी सप्ताह में दीपक की पत्नी लापता हो गई थी। वह काफी तलाश करने के बाद भी नहीं मिली थी। दोनों पति पत्नी के बीच झगड़े के बाद वह घर छोड़कर चले गई थी। कुछ दिनों बाद पुलिस को सतरापुर के बोंदरी गांव में एक महिला की सिरकटी लाश मिली।
दीपक की पत्नी भी लापता थी और पुलिस को एक महिला की लाश भी मिली। इसके अलावा दीपक की पत्नी के फोन की लोकशन भी उसी जगह की थी जहां वह लाश मिली। पुलिस को ये सब देखकर लगा कि जिस महिला की लाश उन्हें मिली है वह दीपक की लापता पत्नी की ही है। पुलिस को बाद में इस बात की जानकारी हुई कि उसकी पत्नी अपने किसी रिश्तेदार के घर रह रही थी। वह बाद में अपने घर भी लौटकर आ गई। जिस कारण अब दीपक पर लगाए सारे चार्ज वापस ले लिए गए हैं।