मुंबई में बीते पांच सालों में 26,000 महिलाएं और लड़कियां लापता हुई हैं। इनमें से 24,444 को पुलिस ने ढूंढ लिया है। वहीं 2,264 की तलाश अभी भी की जा रही है। यह आंकड़े महाराष्ट्र सरकार ने जारी किए हैं। विधानसभा में कांग्रेस विधायक के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सवाल के लिखित जवाब में ये आंकड़े जारी किए हैं। महाराष्ट्र के नागपुर में इस वक्त विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है।
सीएम के अनुसार साल 2013-17 में कुल 26,708 महिलाएं लापता हुई थीं, जिसमें से 5,056 नाबालिग लड़कियां शामिल हैं। इनमें से 24,444 को बाद में ढूंढ लिया गया था। वहीं 2,264 को अभी भी तलाशा जा रहा है। बता दें विधानसभा में विपक्षी पार्टी के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल और अन्य कांग्रेसी नेता लापता महिलाओं और लड़कियों की संख्या जानना चाहते थे। सीएम ने बताया कि 5,056 लापता नाबालिग लड़कियों में से 4758 को ढूंढा जा चुका है।
जानकारी के मुताबिक 26,708 लापता महिलाओं में से 21,652 की उम्र 18 साल से अधिक है। इनमें से 19,686 की तलाश हो चुकी है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि साल 2015 के बाद से नाबालिग लड़कियों के लापता होने के मामले काफी बढ़े हैं। सीएम ने इस बढ़ती संख्या का कारण बताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के मई 2013 में दिए निर्देशों के मुताबिक किसी भी नाबालिग के लापता होने की सारी शिकायतें अपहरण के तौर पर दर्ज की जाएंगी न कि लापता के तौर पर।
उन्होंने बताया कि नाबालिग के अपहरण के तीन मामलों में पाया गया था कि उनका अपहरण भीख मंगवाने के लिए किया गया था। वहीं महिलाओं से संबंधित 11 मामलों में उनका अपहरण उनसे अनैतिक काम करवाने के लिए किया गया था। इनमें से 10 मामले अभी भी विचाराधीन हैं। आंकड़ों पर विपक्षी पार्टी के नेता धनंजय मुंडे का कहना है कि फडणवीस ने होम पोर्टफोलियो के साथ न्याय नहीं किया है। उन्होंने कहा कि वह फुल टाइम के लिए गृह मंत्री चाहते हैं, जो महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों को खत्म करे और खराब कानून व्यवस्था पर भी ध्यान दे।