मुंबई 1993 सीरियल बम ब्लास्ट केस में टाडा कोर्ट ने जिन दो आरोपियों ताहिर मर्चेंट और फिरोज खान को फांसी की सजा सुनाई है, जानिए कौन हैं वे?
ताहिर मर्चेंट
ताहिर मर्चेंट याकूब मेनन का बेहद करीबी था। इसे ताहिर तकल्या के नाम से भी जाना जाता है। 1993 के बम ब्लास्ट के बाद ताहिर मर्चेंट फरार हो गया था। कोर्ट ने इस मामले में उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। धमाके के बाद उसने दुबई में काफी मीटिंग अटैंड कीं, जिसमें याकूब मेमन और दाऊद इब्राहिम शामिल होते थे।
अब्दुल राशिद खान
1993 के बम ब्लास्ट में ही सबसे पहले अब्दुल राशिद खान का नाम सामने आया था। पुलिस ने इसे नवी मुंबई से गिरफ्तार किया था। फिरोज पर आरोप है कि वह दुबई में ब्लास्ट की साजिश के लिए बुलाई गई बैठक में शामिल हुआ था। इसके बारे में ये भी कहा जाता है कि ब्लास्ट में हथियार और विस्फोटक लाने में फिरोज ने ही मदद की थी