प्रताड़ना से तंग आकर परविंदर कौर ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। उसकी 50 साल की मां जसविंदर कौर ने बताया कि उनकी बेटी की आखिरी इच्छा यही थी कि पति उसकी मांग भरे लेकिन मौत के बाद भी वह नहीं आया। उनका आरोप है कि दामाद अमनजीत सिंह, ससुर मनजिंदर सिंह और सास सुरिंदर कौर की प्रताड़ना से तंग आकर उनकी बेटी ने आत्महत्या की है। मौत से 12 मिनट पहले परविंदर का तहसीलदार और सीएसपी ने बयान रिकॉर्ड किया है। जिसमें उसने अपने सास-ससुर और पति को आरोपी बनाया है।
परविंदर की बड़ी बहन रमनदीप कौर ने बताया कि शादी के तीन महीने बाद ही अमनजीत ने उनकी बहन को
प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। प्रेमिका दिव्या के साथ वह पत्नी के सामने बेडरुम में जाता था। यदि मेरी बहन उसे छू लेती तो वह उसे प्रताड़ित करने लगता और नहाने चला जाता था। साल 2017 में उसने पति-ससुर पर दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज करवाया था। जिसकी वजह से उसे घर से बाहर निकाल दिया गया था। करमजीत को जन्म देने के बाद उसकी प्रताड़नाएं और बढ़ गईं। वह बेटे के साथ अकेले किराए पर रहती थी। इस बीच उसने तीन बार आत्महत्या की कोशिश की थी।
परविंदर की बहन ने बताया कि रविवार को बेटे करमजीत की तबियत खराब हो गई थी। जब उसने इलाज के लिए 500 रुपये मांगे तो ससुर ने साफ इंकार कर दिया। इसके बाद उसने पारिवारिक न्यायालय के फैसले पर अपने भरण-पोषण की राशि मांगी और दो घंटे नौलखा पर खड़ी रही। लेकिन तब भी ससुर ने पैसे नहीं दिए। फिर वह जहर लेकर ससुर के घर के बाहर बैठ गई लेकिन उन्होंने बच्चे का इलाज नहीं करवाया। मां और बहन ने बताया कि वह बच्चे के इलाज के लिए ससुर के सामने गिड़गिड़ाकर पैसे मांग रही थी। मगर उन्होंने
दरवाजा तक नहीं खोला। उसने गुस्से में जहर खा लिया।
परविंदर की मां ने ससुर को फोन करके बताया कि उनकी बेटी ने जहर खा लिया है, उसे अस्पताल ले जाओ। इसके बावजूद वह घर से बाहर नहीं निकले। वहीं मां की मौत से बेखबर 2 साल का मासूम बार-बार मां से मिलने की जिद कर रहा है। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम रूम के बाहर वह बिस्कुट खाकर खेलता रहा। इस मामले पर सीएसपी कैलाश मालवीय ने कहा, 'पीड़िता ने मौत से पहले दिए बयान में पति, सास-ससुर पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। हमें उसके मोबाइस से एक वीडियो मिला है। उसके बयानों के आधार पर जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।'