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मंदिर में प्रवेश नहीं करने देने पर पुजारी समेत दो दोषी कारार

Thu, 04 Oct 2018 02:02 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
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अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निरोधक अधिनियम की धारा 3 के तहत एक मामले में विशेष न्यायाधीश बहादुर सिंह की अदालत ने दो लोगों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोनों दोषियों को 10 अक्तूबर का दिन सजा के लिए निर्धारित किया है। 10 अक्तूबर को बाबा केवल पूरी व अन्य व्यक्ति जिसका नाम हरकेवल सिंह है उसे सजा सुनाई जाएगी।

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उपजिला न्यायवादी लोक अभियोजक बिलासपुर उमेश कुमार ने बताया कि 27 जनवरी 2012 को कोट थाना बिलासपुर में तुलसी दास बंसल ने एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसमें उसने कहा था कि 24 जनवरी, 2012 को जब वह अपने कुछ अन्य साथियों के साथ महाबलि मंदिर खैरियां में प्रवेश कर रहा था तो बाबा केवल पूरी और एक अन्य शख्स हरकेवल सिंह ने उन्हें मंदिर में प्रवेश करने से रोका था।

उन्होंने कहा कि यहां पर मंदिर की दीवारों पर लिखा हुआ था कि शुद्रों का प्रवेश मंदिर में निषेध है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस थाना कोट द्वारा मामले की जांच की गई और अदालत में बाबा केवल पूरी और हरकेवल सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए गए।
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इस पर सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश बहादुर सिंह ने 3 अक्तूबर, 2018 को दोनों आरोपियों बाबा केवल पूरी और हरकेवल सिंह को दोषी करार दिया है। दोनों को 10 अक्तूबर का दिन सजा के लिए निर्धारित किया गया है। सरकार की ओर से इस मामले की पेशी जिला न्यायवादी लोक अभियोजक संदीप अत्री द्वारा की गई।

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