मारपीट के दौरान एक युवक ने दूसरे युवक के पेट पर चाकू घोंप दिया गया। इससे वह बुरी तरह से घायल हो गया।
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सहपऊ/हाथरस। सहपऊ में दस वर्षीय बच्चे की हत्या कुकर्म में नाकाम होने पर जयप्रकाश ने की थी। वह बच्चे को अगवा कर गांव के बाहर खेत में ले गया था, जहां उसके साथ जयप्रकाश ने कुकर्म की कोशिश की थी।
इस कोशिश में नाकाम रहने पर उसने पहले बच्चे का शर्ट से गला दबाया और बाद में गले को आरी से काट दिया। पुलिस को आरोपी का पता लगाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पहचान होने के बाद सोमवार को आरोपी को पुलिस ने दबोच लिया।
बच्चे के परिवार से खुन्नस रखता था जयप्रकाश
एएसपी अरविंद कुमार ने बताया कि आरोपी जयप्रकाश पुत्र सूरजपाल चेन्नई में नौकरी करता है। जन्माष्टमी पर वह घर आया था। एएसपी का कहना है कि बच्चे की मां के चुगली करने पर जयप्रकाश के पिता अक्सर उसकी मां के साथ मारपीट करते थे। इसे लेकर जयप्रकाश बच्चे के परिवार से मन ही मन खुन्नस मानता था।
बच्चे का परिवार गांव के बाहर झोपड़ी में रहता है। जन्माष्टमी की रात को बच्चा मंदिर में सजे हिंडोले देखने घर से बाहर आया था। इसी दौरान आरोपी जयप्रकाश ने उसे अगवा कर लिया और गांव से बाहर खेत में ले गया। वहां कुकर्म की कोशिश में नाकाम रहने पर जब बच्चे ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया तो आरोपी ने उसका कत्ल कर दिया। शव को वहीं खेत में फेंक दिया। इसके अगले ही दिन जयप्रकाश चेन्नई चला गया।
तफ्तीश में जुटी पुलिस ने कस्बे में सौ से अधिक घरों में जाकर पूछताछ की। मारे गए बच्चे के साथियों से बात करने के अलावा हर उस शख्स से बात की गई जिसने बच्चे को उस रात देखा था। पुलिस ने यह पता लगाया कि हत्या के बाद कौन-कौन गांव से बाहर गया है। इसमें दो लोगों का नाम सामने आया। इनमें से एक युवक दिल्ली में नौकरी करता है। उससे पुलिस ने पूछताछ की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
पुलिस को चेन्नई में नौकरी करने वाले जयप्रकाश पर भी शक था। पुलिस जयप्रकाश के गांव आने का इंतजार कर रही थी। गांव आने पर जयप्रकाश को सोमवार सुबह दबोचकर जब पूछताछ की गई तो उसने सच बता दिया। पुलिस को हत्या के बाद मौके से शैंपू का पाउच भी मिला था। सोमवार को आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल आरी भी बरामद कर ली। पुलिस ने हत्या के दौरान खून के धब्बे लगे कपड़े भी बरामद कर लिए हैं, जिन्हें आरोपी ने धोकर साफ करने की कोशिश की थी। प्रेसवार्ता में एसओ सहपऊ अवधेश कुमार मौजूद थे।