कासना कोतवाली क्षेत्र के जेपी ग्रीन सोसायटी में
एसटीएफ लखनऊ और नोएडा टीम ने
क्रिकेट मैच में सट्टे के गोरखधंधे का भंडाफोड़ करके कई बड़े खुलासे किए हैं। एसटीएफ के हत्थे चढ़ा गिरोह एक विशेष ऐप के जरिये लोगों को धोखा देकर रोजाना लाखों रुपये कमा रहा था। इस ऐप के जरिये लाइव मैच की जानकारी टीवी प्रसारण से तीन-चार सेकेंड पहले ही गिरोह को मिल जाती थी। गिरोह हर गेंद पर लगाए जा रहे दांव के जरिये प्रत्येक मैच पर लगभग दो करोड़ रुपये का सट्टा लगाता था। वहीं, गिरोह से जुड़े कुछ और लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें फ्लैट मालिक भी शामिल है।
सीओ एसटीएफ राजकुमार मिश्र ने बताया कि क्रिकेट मैच का सट्टा केवल आईपीएल पर ही नहीं, इंटरनेशनल क्रिकेट मैच व छोटे-मोटे अन्य मैचों पर भी चल रहा है। गोरखधंधा एक चेन सिस्टम से चल रहा है। इसमें बुकी के अलावा अन्य कई लोग शामिल हैं और सबकी जिम्मेदारी तय है। गिरोह से जुड़े लोगों के मोबाइल व लैपटॉप सेट पर एक ऐप लोड किया हुआ है जिसमें लाइव मैच के दौरान लगातार हर गेंद, ओवर, रन आदि को लेकर भाव प्रदर्शित होते हैं और मैच के रुख के साथ बदलते हैं।
अगर गेंद पर छक्का लगा तो यह छक्के पर दांव लगाते हैं और जो लोग छक्का न लगने का दावा करते हैं या चौका, सिंगल, डबल आदि पर रुपये लगाते हैं। उनका मोटा नुकसान होता है। पड़ताल में यह भी पता चला है कि जिस फ्लैट में खेल पकड़ा गया, उसमें रहने वाला आनंद मालिक भी सट्टे का गोरखधंधा करता है। उसे भी केस में शामिल कर लिया गया है। इसके अलावा कई और सफेदपोशों के नाम अभी इस केस की जांच में सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल, पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया है और एसटीएफ भी इनसे पूछताछ कर रही है।
सट्टा किंग के बेटे का फोटो साउथ अफ्रीकी क्रिकेटर के साथ
क्रिकेट
एसटीएफ को सट्टा किंग कहे जा रहे श्याम वोरा के बेटे की फेसबुक प्रोफाइल में साउथ अफ्रीका के मशहूर क्रिकेटर व आईपीएल की मुंबई इंडियंस टीम के खिलाड़ी जेपी ड्यूमिनी के साथ फोटो है। इस फोटो के सामने आने से तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं। एसटीएफ टीम भी गहनता से पड़ताल व गिरोह के संबंधों को गहराई से खंगालने में जुट गई है। वहीं, पिता के फंसने के बाद बेटे ने देर रात फेसबुक से फोटो हटा लिए हैं।
बताया गया है कि फोटो मुंबई के एक मशहूर होटल में लिया हुआ है। फोटो कहीं भीड़ आदि सार्वजनिक स्थल पर या ऑटोग्राफ लेते हुए नहीं है। फोटो किसी खास व्यवस्था या सिफारिश से ही खिंचवाया गया है। फोटो के सामने आने से तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं कि कहीं गिरोह मैच फिक्स करने या किसी खिलाड़ी के खेल को प्रभावित करने तक सांठ-गांठ तो नहीं करता।
एसटीएफ भी इस कोण से भी पूरे मामले की जांच में जुट गई है। सीओ एसटीएफ राजकुमार मिश्र का कहना है कि फोटो आदि सभी कोणों से टीम जांच कर रही है। इसमें कई और कुछ बड़े नाम सामने आ सकते हैं। एसटीएफ टीम को यह भी अंदेशा है कि गिरोह के पीछे कोई बड़ा बुकी हो सकता है। यही बड़ा एनसीआर या देश के अन्य क्षेत्रों में अलग-अलग टीम बनाकर गोरखधंधा करा रहा हो। एसटीएफ का कहना है कि गिरोह से जुड़े लोग ही नए लोगों को गोरखधंधे से जोड़ते हैं और वह जिसे जोड़ते हैं उनसे रुपये वसूलने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होती है। हालांकि, रुपये एकत्रित करने के लिए भी अलग-अलग लोगों को जिम्मेदारी दी हुई है।