ये लोगों का बिटकॉइन में इंवेस्ट करने पर 12 फीसदी मुनाफा देने का झांसा देते थे। अगर कोई इंवेस्टर कोई दूसरा इंवेस्टर लाएगा तो उसे पांच फीसदी मुनाफा और देते थे। शुरू में इन्होंने कुछ इंवेस्टर को बिटकॉइन रिर्टन भी किए, मगर बाद में बंद कर दिया। इसके बाद दीपक जांगड़ा ने इंवेस्टर को गुमराह करने के लिए बीएमपी नाम से अपनी क्रिप्टो करेंसी बनाई।
इसमें लोगों को इंवेस्ट करने को कहा। इसके इन्होंने दस करोड टोकन बनवाए। काफी लोग झांसे में आ गए और पैसा लगा दिया। शुरू में लोगों को कुछ रिर्टन भी किया मगर बाद में बंद कर दिया। बाद में ये गायब हो गए और दिल्ली केसुभाष प्लेस में स्थित अपना कार्यालय बंद कर दिया। फरवरी,2018 में इनकी शिकायतें पुलिस में दर्ज होनी शुरू हो गई थीं। साइबर सेल अधिकारियों केअनुसार बिटकॉइन करेंसी में इंवेस्ट केनाम पर करीब पांच हजार लोगों की आईडी मिली है।
जांच में ये बात सामने आई है कि आरोपियों ने करीब 250 से 300 बिटकॉइन का गबन किया। एक बिटकॉइन की कीमत इस समय करीब पांच लाख रुपये मानी जा रही है। इस तरह इन्होंने 300 बिटकॉइन का गबन किया है तो लोगों केसाथ करीब 15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।
बिटकॉइन में इंवेस्ट करने के लिए प्रचार करते थे-
साइबर सेल पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी लोगों को बिटकॉइन में इंवेस्ट करने के लिए प्रचार करते थे। ये दिल्ली व एनसीआर में होटलों में पार्टी करते थे। इसके अलावा दीपक मल्होत्रा रीजनल सेल्समेन हैड केतौर पर काम करते थे। वह अपने पुरानों संबंधों को फायदा उठाते थे। दीपक जांगडा भी अपने पुराने संबंधों का फायदा उठाता था।
ज्यादा मुनाफे के झांसे में ना आए-
डीसीपी अन्येश रॉय ने लोगों को सलाह दी है कि वह ज्यादा मुनाफे झांसे में न आए। बिटकॉइन कोई करेंसी नहीं है। लोग इसमें इनवेस्ट न करें। भारत में बिटकॉइन पूरी तरह अमान्य है और गैरकानूनी है।