गरीब परिवारों के प्रति सरकारी अस्पतालों का बुरा व्यवहार आम हो गया है। अब एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां शख्स के शव को ले जाने के लिए रविवार को जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में सरकारी व्यवस्थाओं की धज्जियां उड़ने के साथ ही तार-तार होती मानवता भी देखने को मिली।
पोस्टमार्टम हाउस पर एक व्यक्ति को अपने भांजे का शव घर तक ले जाने के लिए बीवी की कानों की बालियां तक बेचनी पड़ीं।
इससे पहले वह जिला अस्पताल में चिकित्सकों से शव वाहन उपलब्ध कराने के लिए गिड़गिड़ाता रहा लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। करीब दो घंटों तक अधिकारियों से फोन पर शव वाहन दिलाने की मांग की। आखिरकार भांजे के शव को ले जाने के लिए मामा नरेंद्र को पत्नी के कान की एक बाली बेचने को मजबूर होना पड़ा। 2500 रुपये मिलने के बाद प्राइवेट एंबुलेंस का इंतजाम हुआ।