कोतवाली क्षेत्र के उसुरा खुर्द गांव में 18 मार्च को हुई जहरुन्निशा की हत्या के मामले में आरोपी पांच महिलाओं को पुलिस ने सोमवार को नदवल गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया। वह कहीं भागने की फिराक में थीं। पुलिस ने सभी का चालान कर दिया है।
उसुरा खुर्द गांव निवासी जहरुन्निशा अपनी बहू सीमा पत्नी कलीम खान के साथ 18 मार्च को जननी सुरक्षा योजना का चेक लेने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गई थी। चेक नहीं मिलने पर शाम को सास-बहू दोनों घर लौट रही थीं।
वह घर से कुछ ही दूरी पर थीं कि सड़क उस पार के गांव नदवल निवासी रामशकल राजभर की पुत्री बबली को देखकर उसकी बहू सीमा ने पूर्व की किसी बात को लेकर भला बुरा कह दिया। बबली ने इसकी शिकायत घर जाकर अपनी मां फूलमती से की।
इससे गुस्साई फूलमती, बबली तथा उसकी दोनों बहनें चंपा और रेशमी के साथ उसकी चाची सविता पत्नी रामाज्ञा राजभर जहरुनिशा के घर जा धमकी।
भागने की फिराक में थीं महिलाएं
क्राइम
उन्हें देख तंज कसने वाली सीमा तो भाग खड़ी हुई पर जहरुनिशा उनकी पकड़ में आ गई। पांचों ने लात - घूंसों से उसे जमकर पीटा। पिटाई के बाद जहरुनिशा की तबियत ख़राब हो गई और वह अचेत हो गई।
परिवारवाले उसे सीएचसी घोसी ले आए जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से हमलावर महिलाएं भूमिगत हो गई थीं। पुलिस उनकी तलाश कर रही थी कि सोमवार को मुखबिर ने सूचना दी कि वे नदवल गांव के समीप कहीं भागने की फिराक में खड़ी हैं।
इस पर महिला कांस्टेबिल सभी को पकड़कर थाने ले आई। पकड़ी गई बबली, चंपा, रेशमी पुत्रीगण रामशकल, फूलमती एवं सविता का पुलिस ने संबंधित धाराओं में चालान कर दिया।