भोपाल में एक ऐसी शातिर महिला का सच सामने आया है कि वह पुलिस प्रशासन को चकमा देकर अफसरों पर लंबे समय तक रौब झाड़ती रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला सोनाली ने कभी खुद को एडीजी की बहन बताया तो कभी एसडीएम बनकर लाल बत्ती की गाड़ी में घूमती रही। जालसाजी की शुरुआत 2008 में हुई जब रिटायर्ड लोकायुक्त डीजी कापदेव से मुलाकात के जरिए सोनाली ने कई पुलिस अफसरों से दोस्ती बना लीं।
बेखौफ सोनाली की पैठ पीएचक्यू तक हो गई और चकमा देने का आत्मविश्वास उसके इतना बढ़ गया था कि उस पर किसी को शक नहीं हुआ। इस फर्जीवाड़े में सोनाली के साथ उसका बॉयफ्रेंड कृष्णा राठौर भी शामिल था। दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और तीन दिन के रिमांड पर भी भेज दिया गया है।
सोनाली की कुछ ऐसे खुली पोल
अक्सर ऐसा होता था कि सोनाली ऑफिसर मैस में मेहमान बनकर रहा करती थी, लेकिन उसे ये उस दिन भारी पड़ गया जब उसकी पोल खुली। सोनाली ने खुद को एडीजी अजय कुमार शर्मी की बहन बताया। इस बीच एडीजी रैंक के अफसर की पार्टी में जाने के लिए उसने दो टीआई को बुके भेजने को कहा। एक ने मना किया तो सोनाली ने उनकी शिकायत सीएसपी ज्योति उमठ को कर दी।
तब जब सीएसपी ने टीआई को फोन किया तो उन्होंने सीधे एडीजी को कहा- 'सर, माफी चाहता हूं, व्यस्त होने से आपकी बहन के लिए बुके नहीं पहुंचा पाऊंगा।' इस पर एडीजी चौंक गए और बोले- मैस में मेरी कोई बहन नहीं रुकी है। एडीजी ने उमठ से पूछा तो जवाब मिला कि आपकी बहन से मैं भी तीन बार मिल चुकी हूं।
उन्होंने उमठ को तत्काल मैस भेजा और कहा कि उससे पूछें प्रदेश में चार शर्मा सरनेम वाले एडीजी हैं, वह किसकी बहन है। सीएसपी ने जब सोनाली से पूछा कि तुम किसकी बहन हो तो वह बोली- इंदौर वाले अजय भैया की। मामला समझते ही सीएसपी ने उसे हिरासत में ले लिया।