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जूनियर डॉक्टरों की गुंडई, तीमारदार को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

Sun, 13 Mar 2016 11:53 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, गोरखपुर

सार

  • गोरखपुर का बीआरडी मेडिकल कॉलेज बनता जा रहा है मरीजों की कब्रगाह
  • डक्टरों की लापरवाही चरम पर, अनदेखी से मौंत की नींद सो गया नवजात
  • परिजनों ने सीनियर डॉक्टरों से शिकायत करने की कोशिश की तो चले डंडे
  • जूनियर डॉक्टरों ने सरेआम मृत बच्चे के पिता की जमकर धुनाई कर डाली
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डॉक्टरों की लापरवाही से नवजात की मौत पर मचा बवाल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विस्तार
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यूपी के गोरखपुर में लापरवाही से नवजात की मौत का आरोप लगाते हुए शिकायत करने पहुंचे तीमारदार को जूनियर डॉक्टरों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। यहां तक कि नाराज जूनियर डॉक्टरों ने गार्ड का डंडा छीनकर तीमारदार की पिटाई कर दी। वह किसी तरह से जान बचाकर भागा। घटना बीआरडी मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार रात साढ़े बारह बजे की है। 
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मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद कोई नई बात नहीं है। आए दिन यहां तीमारदारों को जूनियर डॉक्टरों के गुस्से का शिकार होना पड़ता है और कॉलेज प्रशासन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं करता। 

शुक्रवार की रात साढ़े बारह बजे गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती देवरिया जिले के एक नवजात की मौत हो गई। पिता का आरोप है कि जब नवजात की तबीयत बिगड़ी तब उसे देखने कोई डॉक्टर नहीं आया। डॉक्टरों की लापरवाही की शिकायत करने के लिए जैसे ही मृतक के पिता ने सीनियर डॉक्टर से संपर्क करने की कीशिश की, तो जूनियर डॉक्टर भड़क गए। 
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जूनियर डॉक्टरों ने गार्ड का डंडा छीनकर तीमारदार को दौड़ा लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। वारदात के मौके पर अफरा-तफरी मच गई। किसी तरह से पीड़ित अपने मृत बच्चे के शव को वहां से भागा। बाद में सीनियर डॉक्टर पहुंचे और मामले को शांत कराया।
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तीन महीने में पांचवां विवाद

नहीं थम रही जूनियर डॉक्टरों की गुंडई! - फोटो : demo
यूं तो डॉक्टर-तीमारदार विवाद का सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा है, लेकिन इन दिनों इसकी संख्या बढ़ गई है। अगर 2016 के परिप्रेक्ष्य में देखें तो अभी तीन महीने भी नहीं बीते हैं और मंगलवार को तीसरा विवाद सामने आ गया।

10 जनवरी : विवाद तब हुआ जब महिला की इलाज के दौरान मौत हो जाने पर पर उसकी बेटी ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया।

04 मार्च : मरीज ध्रुव कुमार सिंह के इलाज से संतुष्ट न होते हुए बेटी किरन ने एक जूनियर डॉक्टर को चप्पल दे मारी और तीमारदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।

08 मार्च : बाल संस्थान के निर्माण के दौरान घायल लिफ्टमैन के इलाज को लेकर आर्थोपेडिक विभाग की ओपीडी में हंगामा। 

09 मार्च : प्लास्टर रूम में जूनियर डॉक्टरों ने ऊरूआ के विकलांग अजय त्रिपाठी को पीटा।

12 मार्च : 100 बेड वाले इंसेफेलाइटिस वार्ड में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाने पर तीमारदार को डॉक्टरों ने पीटा।
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