एक झटके में हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। मामले की जानकारी तो तब लगी जब पड़ोसी किसी कारण से उनके घर पहुंचा। आखिर क्या रही होगी इस परिवार की मजबूरी। मामला तमिलनाडू के मदुरै का है। जहां रविवार को कर्ज से परेशान एक परिवार ने 2 बच्चों सहित सामूहिक रूप से खुदकुशी की कोशिश की।
जहर लेने के बाद परिवार के छह सदस्यों की मौत हो चुकी है तो दो लोगों का इलाज शहर के राजाजी अस्पताल में जारी है। जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है। खबर मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने अंदर से बंद घर के दरवाजे को तोड़कर 8 लोगों को बाहर निकाला था।
सुसााइड नोट में क्या लिखा है?
पुलिस को घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट में परिवार ने अपनी आपबीती लिखी है। सुसाइड नोट में परिवार ने प्रशासन से उनकी सारी संपत्ति बेचकर लेनदारों को पैसे चुकाने की बात कही है। हालांकि सुसाइड नोट में किसी लेनदार का जिक्र नहीं किया गया है।
मामले की जांच कर रहे पुलिस कमिश्नर महेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि, 'वेलमुरुगन और उनके भाई कुरीजी कुमारन यगप्पा नगर में एक प्रायमिरी स्कूल का संचालन करते थे। दोनों भाई, उनकी मां जेयजोती, कुमारन की बेटी जेया थरानी, वेलमुरुग्नन की बेटी जेए सक्ति और देवी की मौत हो चुकी है तो वही कुमारन की पत्नी थांगसेलवी और उनकी बेटी जेया मोनिका की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पड़ोसी ने कहा देर से आई एम्बुलेंस
दूसरी ओर खुदकुशी करने वाले परिवार के पड़ोसी रविचंद्रन ने पुलिस को बताया कि रविवार को वो जब परिवार के घर गए तब उन्हें पूरे मामले की जानकारी लगी, लेकिन 108 एम्बुलेंस को तुरंत सूचना देने की बात भी वो 45 मिनट गुजर जाने के बाद भी नहीं पहुंचा था। इस पूरे मामले में मदुरै कलेक्टर के वीरा राघव राव ने एम्बुलेंस ऑपरेटर से सफाई देने और जांच करने की बात कही है।