उसका नाम तो उसके अधिवक्ता शिवकुमार शर्मा ने अपनी रंजिश के तहत लिखाया है। इस आधार पर पुलिस ने इस मुकदमे में फिर अंतिम रिपोर्ट लगा दी। मैनेजर प्रेमप्रकाश की तरफ से झूठा मुकदमा लिखाए जाने पर कोर्ट में उक्त महिला और अन्य के खिलाफ परिवाद पेश किया गया।
पढ़ें:-
मार्कशीट लेने आई दलित छात्रा का अपहरण कर चार दबंगों ने किया रेप का प्रयास
एसीजेएम कोर्ट संख्या छह ने इस पर उक्त मामले में उक्त महिला और मुकदमे के गवाहों समेत चार के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया है।