टक्कर इतनी जोरदार थी कि मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर समीर दत्ता सड़क से करीब 25 फुट नीचे जा गिरे।
यूपी के झांसी में शनिवार को अदालत में पेशी पर आया हत्यारोपी ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को धक्का देकर भाग निकला। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। चारों तरफ नाकाबंदी करके उसे तलाशा गया पर कोई सफलता नहीं मिली।
बबीना थानांतर्गत ग्राम नया खेड़ा में बिजली की कटिया डालने को लेकर हुए विवाद में वीपी सिंह, पवन सिंह व चार्ली पुत्रगण राम प्रसाद ने मारपीट करके 15 जुलाई 2015 को दलित शिवदयाल को मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने वीपी सिंह व पवन सिंह को जेल और चार्ली को नाबालिग होने की वजह से बच्चा जेल भेज दिया था। शनिवार को वीपी सिंह और पवन की कोर्ट में पेशी थी, इसके चलते दोनों को कड़े सुरक्षा घेरे में जिला जेल से कचहरी में स्थित बंदी गृह लाया गया, जहां से सिपाही धीरेंद्र सिंह ने दोनों को अदालत में पेश किया।
पेशी होने के बाद सिपाही दोनों को लेकर बंदी गृह आए। बंदी गृह के दरवाजे पर निगरानी में लगे सिपाही राम अवतार ने वीपी सिंह की हाथकड़ी खोल दी तथा उसे अंदर नहीं किया। सिपाही ने लापरवाही बरतते हुए वीपी सिंह को वहीं पर खड़ा रखा और पवन सिंह की हथकड़ी खोलने लगा। इस बीच मौका मिलते ही वीपी सिंह ने सिपाही राम अवतार को धक्का दिया और तेजी से भाग निकला।