फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तो क्या आतंक का गढ़ बन गया है बिजनौर?

Mon, 04 Apr 2016 03:34 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर

सार

  • सितंबर 2014, सिमी के 6 आतंकी बिजनौर हुए थे फरार
  • आतंकियों के मदगार अब भी लखनऊ जेल में हैं कैद
  • एक घर में बम बनाते वक्त हुए विस्फोट में मचा था हड़कंप
विज्ञापन
आतंकियों से जुड़े हैं बिजनौर के तार! - फोटो : demo
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी में आतंकी कनेक्शन के कारण बिजनौर पहले से बदनाम रहा है। दो साल पहले मोहल्ला जाटान में हुई घटना ने तो सभी के होश उड़ा दिए थे।  यह घटना 12 सितंबर, 2014 की है। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक छह सिमी आतंकी जाटान में लीलो देवी के मकान में बम बना रहे थे। अचानक विस्फोट हो गया और इसकी चपेट में आकर एक आतंकी झुलस गया। जिले में हाई सिक्योरिटी होने के बावजूद पांच आतंकी अपने झुलसे साथी को लेकर फरार होने में सफल हो गए थे।
विज्ञापन


आतंकियों ने जाटान के अलावा मोहल्ला भाटान में रईस के घर में भी ठिकाना बना रखा था। विस्फोट के बाद फरार आतंकियों की पहचान मध्य प्रदेश की खंडवा जेल से फरार आतंकी एजाजुद्दीन, असलम, अकरम, महबूब, सालिक और जाकिर हुसैन के रूप में हुई थी। 

बिजनौर में छिपने के दौरान आतंकियों ने मुरादाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, दिल्ली तक अपने तार जोड़ रखे थे। इन आतंकियों को पनाह देने में पुलिस ने मोहल्ला भाटान के रईस अहमद, उसके पुत्र अब्दुल्ला, गांव उमरी निवासी हुस्ना और उसके भाई, कस्बा झालू के फुरकान को दबोचा था। ये सभी मददगार लखनऊ जेल में बंद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें