गुरुग्राम की घटना के बाद भी स्कूलों के बाहर मासूमों की सुरक्षा के बंदोबस्त नहीं है। यूपी के गजरौला में स्कूल गेट के बाहर से आठ दिन पहले गायब हुए छात्र का शव गन्ने के खेत में दबा मिला। उसकी गर्दन ब्लेड से काटकर शव को दबाया गया था।
शव के पास ही छात्र का बैग और किताबें पड़ी मिली हैं। सूचना पर परिजनों संग सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और मौके पर जमकर नारेबाजी की। इस बीच मौके पर पहुंची पुलिस से ग्रामीणों की तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने बमुश्किल लोगों को समझाकर शांत किया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। देरशाम तक परिजन ग्रामीणों संग कार्रवाई की मांग के लिए थाने में डेरा डाले रहे।
थाना क्षेत्र के गांव वसेली निवासी राजमिस्त्री नरेश सिंह का आठ वर्षीय बेटा अभिषेक कुमराला स्थित एचसीएम इंटर कॉलेज में कक्षा दो में पढ़ता था। सात दिसंबर को अभिषेक स्कूल गया था लेकिन स्कूल गेट से लापता हो गया। परिजनों का आरोप है कि अभिषेक स्कूल गेट पर पहुंचा था, लेकिन गेटमैन ने देर से स्कूल पहुंचने का हवाला देकर बेटे को लौटा दिया। यहीं से बच्चा अचानक लापता हो गया। इधर, पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया था, लेकिन पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।
गुरुवार को मासूम की बरामदगी की मांग करते हुए लोगों ने थाने के सामने रोड जाम कर दी। बताया जाता है कि शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे वसेली के जंगल में एक गन्ने के खेत में गांव की ही दो बालिकाएं घास लेने गई थीं। इस दौरान जमीन से बाहर बच्चे का पैर देखकर वह घबरा गईं। शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।