बरेली में हाल ही में देवरनिया जागीर गांव में दो सगी बहनों को पेट्रोल डालकर जलाने की जघन्य वारदात हुई थी जिसमें दोनों की मौत हो गई थी। अब नवाबगंज के टांडा सादात गांव में एसिड अटैक की बड़ी वारदात हो गई। आंगन में मच्छरदानी लगाकर सो रहीं दो सगी बहनों पर किसी ने तेजाब डाला तो चीखती बहनों को बचाने में दो भाई भी झुलस गए।
गृहस्वामी ने भागते हमलावरों को पहचानने का दावा करते हुए पड़ोस के चार लोगों पर रिपोर्ट कराई है। तर्क है कि गांव के यह दबंग अक्सर उससे रंगदारी वसूलते थे जिसे न देने की वजह से रंजिश मानने लगे। एसएसपी समेत दूसरे अधिकारियों ने मौका मुआयना किया। नामजदों में से तीन लोगों को हिरासत में ले लिया गया, जबकि दोनों पक्ष के कई लोगों से पूछताछ जारी है।
मोहम्मद नवी सरसों की पिराई कराकर गांव-गांव उसका तेल बेचने का काम करते हैं। पत्नी वहीदन और सात बच्चों के साथ वह गांव में एक छोर पर बने मकान में रहते हैं। सोमवार रात पूरा परिवार सो रहा था। नवी के मुताबिक उसकी दोनों बेटियां मच्छरदानी में सो रहीं थीं। नवी ने बताया कि रात ढाई बजे दोनों बेटियों की चीखपुकार से उनकी आंख खुली। वह बाहर भागे तो देखा कि रवीना और शबीना के चेहरे और शरीर के ऊपरी हिस्से पर तेजाब पड़ा था।