मध्य प्रदेश के इंदौर में कुछ दिनों पहले बुजुर्ग दंपत्ति की हत्या से सनसनी फैल गई थी। 5 नवंबर को अपोलो डीबी सिटी के फ्लैट में हुए दोहरे हत्याकांड की गुत्थी अब सुलझ गई है और इस आरोप में मनोज नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया है। मीडिया खबरों के अनुसार कंप्यूटर कारोबारी श्रीचंद मित्तल और उनकी पत्नी शांति मित्तल ने अपनी सेवा के लिए मनोज को अगस्त में घर पर बतौर केयर टेकर रखा था।
दंपत्ति के पड़ोस में रहने वाली बेटी ने बताया कि मनोज हाल ही में फिर से काम पर लौट था । इससे पहले वह यह काम छोड़कर दूसरे काम में लग गया था। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार मनोज चोरी की वारदात को अंजाम देना चाहता था और इसके लिए उसने अपने एक साथी के साथ साजिश रची थी। उसके दूसरे साथी का नाम धमेंद्र राजपूत है और वह राजगढ़ का रहने वाला है।
बेड पर लिटाकर किया कत्ल
दरअसल, मनोज 4 नवंबर के दिन चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए वापस आया था, लेकिन दंपत्ति के घर में किसी के आ जाने की वजह से वह अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाया। अगले दिन 5 नवंबर को वो अपने साथी के साथ मौके पर पहुंचा और श्रीचंद की सेवा करने लगा। मौके की तलाश ढूंढते ही उसने शांति मित्तल को नहाने के लिए भेज दिया।
इस बीच उसने श्रीचंद को नहलाया और बेड पर लिटाकर चाकू से वार करने लगा। कत्ल करने के बाद वह अलमारी से सामान लूटने लगा। अलमारी की आवाज सुनकर शांति बाथरूम से बाहर आ गई। मनोज ने देरी न करते हुए उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया।
बिल्डिंग के रजिस्टर में हुई एंट्री से मिला सबूत
कत्ल
हत्या के बाद मनोज अलमारी से 5 हजार की नकदी, दो मोबाइल, कैमरा और सोने की बाली लेकर फरार हो गया था। हत्या के बाद पहुंची पुलिस ने जब जांच के दौरान सिक्युरिटी गार्ड के पास दर्ज हुई रजिस्टर्ड एंट्री देखी तब उन्हें मनोज पर शक हुआ।
मनोज ने 4 और 5 नवंबर को रजिस्टर में नंबर लिखे थे उसमें शुरुआती 5 अंक मिल रहे थे और बाकी 5 अलग थे। जब दोनों नंबरों की जांच की गई तो इन नंबरों को पहले भी डकैती में शामिल पाया गया।