महाराष्ट्र का मंत्रालय सुसाइड प्वाइंट बन गया है। बृहस्पतिवार को 45 वर्षीय हर्षल रावते नामक व्यक्ति मंत्रालय की पांचवीं मंजिल से कूद गया। उसे आनन-फानन में सेंट जार्ज अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बीते 15 दिन में मंत्रालय परिसर में आत्महत्या करने की कोशिश करने की यह तीसरी घटना है। राज्य विधानमंडल बजट सत्र से पहले इस तरह की घटना फडणवीस सरकार के लिए बेहद चिंता का विषय है।
बताया गया है कि हर्षल हत्या का मुजरिम था। उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी, लेकिन हाल के दिनों में वह पेरोल पर जेल से बाहर आया था। मुंबई के चेंबूर निवासी हर्षल मंत्रालय का पास लेकर गृह विभाग में किसी काम के लिए आया था। शाम के समय जब लोग काम खत्म कर निकल रहे थे तभी यह हादसा हुआ। गंभीर रूप से जख्मी हालत में उसे सेंट जार्ज अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
जानें, कब-कब घटी घटनाएं
आत्महत्या
- फोटो : self
कुछ दिन पहले धर्मा पाटिल नामक एक किसान ने जहर पीकर मंत्रालय परिसर में आत्महत्या की कोशिश की थी। अस्पताल में कई दिन तक जीवन और मौत के बीच जूझने के बाद धर्मा की मौत हो गई थी। उसके बाद एक अन्य युवक ने मंत्रालय की छठी मंजिल से कूदने का प्रयास किया था लेकिन पुलिस ने उसे रोक लिया, जिससे उसकी जान बच गई थी। इसके अलावा बुधवार को एक युवक ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद को आग लगाने की कोशिश की थी।
विपक्ष ने आत्महत्या पर शुरू की राजनीति
मंत्रालय में पांचवीं मंजिल से हर्षल के कूदने की घटना की सूचना मिलते ही एनसीपी के नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, एनसीपी नेता जयंत पाटिल, विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल और विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे आदि मौके पर पहुंचे और राजनीति शुरू कर दी। जयंत पाटिल ने कहा कि राज्य सरकार के विरोध में जनता का आक्रोश बढ़ गया है। इसलिए मंत्रालय परिसर में आत्महत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं।