सारकी के कजिन का कहना है कि उसने फंदे पर लटके हुए एक आदमी की फोटो देखी थी जिसे सारकी ने अपने फोन के मोमो ऐप में बनाया था। वही गेम उसकी आत्महत्या का कारण है। वहीं उसके एक दोस्त का कहना है कि वह अपने फोन को जब भी इस्तेमाल करता था तो दूसरों से छिपाता था।
लड़के की अध्यापिका का कहना है कि उसी की तरह उसके कई दोस्त भी मोमो गेम खेलते थे लेकिन बाद में उन्होंने इसे खुद ही खेलना बंद कर दिया। सारकी की मां का कहना है, 'वह काफी मेहनती और सीधा-साधा लड़का था। वह ऑनलाइन गेम खेलता था। मुझे पूरा विश्वास है कि मोमो चैलेंज ने ही उसे हमसे छीना है।'
पुलिस का कहना है कि अब वह स्कूलों में अभियान चलाएंगे कि बच्चे ऐसे खतरनाक गेम न खेलें। इससे पहले अजमेर में भी 31 जुलाई को 15 साल की छवि शर्मा ने अपनी जान ले ली थी। उसकी मौत के पीछे की वजह भी मोमो चैलेंज बताई जा रही है।