छत्तीसगढ़ के मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और उनकी पत्नी सरिता अग्रवाल पर वन विभाग की जमीन पर कब्जा कर रिसोर्ट बनाने का आरोप लगा है। जिसके बाद मामले में संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने मुख्य सचिव से तत्काल रिपोर्ट मांगी है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक मंत्री का कहना है कि उन्होंने या उनकी पत्नी ने कुछ भी गलत नहीं किया है। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि जिस जमीन पर वह रिसोर्ट बना रहे हैं वह जमीन वन विभाग की है।
वहीं इस मामले पर मजदूर संघ के नेता ललीत चंद्रनाहू का कहना है कि उन्होंने मंत्री इस बारे में पत्र लिखा था और फोन पर बात भी की थी।
गौरतलब है कि सरिता अग्रवाल और छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री बृजमोहन अग्रवाल पर वन विभाग की 4.12 हेक्टेयर जमीन का इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। अधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने जिस जमीन पर कब्जा किया है वह किसान विष्णु राम साहू की थी, जिन्होंने 1994 में अविभाजित मध्यप्रदेश के जल संसाधन विभाग को जमीन दान कर दी थी।