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शौर्य दिवस: मातृभूमि के भाल पर यूं ही चमकते रहेंगे ये नगीने

Wed, 26 Jul 2017 08:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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kargil war
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कारगिल एक ऐसा दुर्गम युद्धक्षेत्र जहां भारतीय वीरों ने वर्ष 1999 में अपनी जान की बाजी लगाकर पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ा था। शरीर गलाने वाली बर्फ के बीच रणबांकुरों के शौर्य के सामने पाकिस्तानी घुसपैठिये टिक नहीं पाए।
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कारगिल युद्ध की कई कहानियां हैं। जिन्हें कई बार पढ़ा या सुनाया गया है, लेकिन कई कहानियां आज भी हैं, जिन्हें लोग नहीं जानते। शौर्य दिवस के इस खास मौके पर हम आपको ऐसी ही कुछ बातों से रूबरू करा रहे हैं।

उत्तराखंड के वीरों ने लिखी साहस की इबारत
कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के वीरों ने अपने अदम्य साहस की जो इबारत लिखी वह भारतीय सेना के इतिहास का गौरवशाली हिस्सा है। कारगिल में टोलोलिंग पर्वत चोटी से लेकर द्रास सेक्टर तक दुश्मनों को जड़ से उखाड़ने में उत्तराखंड के वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी।
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मेजर विवेक गुप्ता का साहस यादगार
2 राजपूताना रायफ ल के मेजर विवेक गुप्ता के नेतृत्व में 12 जून की रात को टोलोलिंग चोटी को फ तह के लिए कंपनी रवाना हुई। ऊंचाई पर बैठे दुश्मन ने हमला किया, जिसमें मेजर गुप्ता को दो गोलियां लगीं, लेकिन घायल होने के बावजूद मेजर गुप्ता ने तीन दुश्मनों को ढेर कर बंकर पर कब्जा किया। मेजर गुप्ता को मरणोंपरांत युद्ध में दूसरा सर्वश्रेष्ठ वीरता पदक महावीर चक्र से अलंकृत किया गया।

कारगिल युद्ध में जिलावार शहीद

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कारगिल युद्ध में जिलावार शहीद
देहरादून    14
अल्मोड़ा    3
बागेश्वर    3
चमोली    7
लैंसडौन    10
नैनीताल    5
पौड़ी    3
पिथौरागढ़    4
रुद्रप्रयाग    3
टिहरी    11
ऊधमसिंह नगर    2
उत्तरकाशी    1

किस रेजीमेंट के कितने शहीद

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किस रेजीमेंट के कितने शहीद
गढ़वाल रायफ ल    54
नागा रेजीमेंट    19
कुमाऊं रेजीमेंट    12
पैरा रेजीमेंट    9
गोरखा रायफ ल्स    3
पांच विकास    3
इंजीनियिरंग    2
महार रेजीमेंट    1
गार्डस रेजीमेंट    1
आरआर    1
राजपूताना रायफ ल्स    1
एयरफ ोर्स    1
जे एंड रेजीमेंट    1
लद्दाख स्काउट    1

 
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15 हजार फिट पर किया कब्जा

15 हजार फिट पर किया कब्जा
18 ग्रिनेडियर के मेजर राजेश सिंह अधिकारी ने टोलोलिंग पर 30 मई को अपनी कंपनी के साथ चढ़ाई शुरू की। 15 हजार फिट की ऊंचाई पर भारी बर्फ बारी के बीच दुश्मन ने मशीन गन से उन पर धावा बोला। गंभीर रूप से जख्मी हालत में दो बंकर ध्वस्त कर मेजर राजेश सिंह ने प्वाइंट 4590 पर कब्जा किया। मेजर राजेश सिंह की इस वीरता और बलिदान के लिए महावीर चक्र से सम्मानित किया गया।

चार्ली टीम ने मार गिराए पांच घुसपैठिये
स्पेशल फ ोर्सेज 9 पैरा के नायक बृजमोहन सिंह की अगुवाई में चार्ली टीम ने कारगिल के मशकोह सब सेक्टर में एक जुलाई को हमला बोला। बेहतरीन पर्वतरोही नायक ब्रिज ऊंचे बंकर पर चढ़े और दो दुश्मनों को हाथ से हाथ की लड़ाई में मार गिराया। इन्हें मरणोंपरात वीरता चक्र से सम्मानित किया गया।

गढ़वाल राइफ ल का दम
द्रास सेक्टर के प्वाइंट 4700 पर सर्वाधिक सैनिक शहीद हुए। 2 राजपूताना रायफ ल और 18 गढ़वाल रायफल के रणबांकुरों ने 30 जून की रात को चोटी पर हमला बोला। 18 गढ़वाल के नायक कश्मीर सिंह, रायफमैन अनसूया प्रसाद और कुलदीप सिंह दल का हिस्सा थे। तीनों वीरों ने घायल होने बावजूद दर्जन भर दुश्मनों को मार गिराया। इस युद्ध में हाथ से हाथ की लड़ाई में कश्मीर, अनसूया और कुलदीप ने अदम्य सहास दिखाया जिसके लिए उन्हें मरणोपरांत वीर चक्त्रस् से सम्मानित किया गया। इस युद्ध में लांस नायक देवेंद्र सिंह को सेना मेडल मिला।

नागा रेजीमेंट ने भी दी शहादत
6 और 7 जुलाई को कारगिल में टूईन बंप पर 2 नागा रेजीमेंट के सिपाही कैलाश कुमार, सिपाही राजेश गुरुंग, सिपाही संजय गुरुंग, नायक देवेंद्र सिंह ने चढ़ाई के दौरान दु्श्मन की आर्टिलरी बमबारी के बीच बंप फ तह करने में प्राण न्यौछावर किए। नायक देवेंद्र को वीरता के लिए मेंशन इन डिस्पैच से अलंकृत किया गया।
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