मेरठ में नोट बंदी के बाद काला धन ठिकाने लगाने के प्रयासों के चलते केंद्रीय खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। शहर की भी कई बड़ी पार्टियों की व्यावसायिक गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। बैंकों के हालातों पर भी रोजाना केंद्रीय मुख्यालयों को रिपोर्ट जा रही है।
केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 के नोट बंद करने से बाद से बड़े कारोबारी काला धन ठिकाने लगाने में लगे हैं। कैश को इधर से उधर दूसरे शहरों में भी भेजा रहा है। ऐसे कई मामले भी पकड़ में आ चुके हैं। इसके बाद केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। सरकार को लग रहा है कि लोग अपना कालाधन इधर से उधर या दूसरे शहरों या राज्यों में एडजस्ट करेंगे। वाहनों से कैश दूसरे शहरों में ले जाकर रिश्तेदार या करीबियों, के बैंक खातों में जमा किया जा सकता है। बड़ी व्यावसायिक फर्में भी ऐसा कर सकती हैं। मेरठ में भी कई बड़ी फर्में और प्रॉपर्टी डीलर हैं। इनकी व्यावसायिक गतिविधियों की निगरानी शुरू हो गई है।
सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग के अलावा खुफिया एजेंसियां भी बैंकों में हो रहे बडे़ लेनदेन पर नजर रखे हैं। बाद में बैंकों से इनका ब्यौरा लेकर जांच पड़ताल शुरू होगी। खुफिया एजेंसियां रोजाना बैंकों की भीड़ और उनकी व्यवस्थाओं संबंधी जानकारियां मुख्यालयों को भेज रही हैं। इस बात पर भी नजर है कि कहीं किसी बैंक से कोई संदिग्ध गतिविधियां तो संचालित नहीं हो रही।