सबसे पहले इन्फॉरेमेशन टेक्नोलॉजी के विभागाध्यक्ष एवं कार्यशाला के समन्वयक प्रो. शंकर ठवकर ने डिजिटल फॉरेंसिक कार्यशाला में विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के साथ-साथ मुख्य विषयों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। संस्थान के निदेशक डॉक्टर राजीव कुमार उपाध्याय ने संस्थान के संक्षिप्त इतिहास पर प्रकाश डाला और कार्यशाला में आए हुए मुख्य अतिथि, प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उनके आने का आभार व्यक्त किया। उन्होंने एकेटीयू के कुलपति डॉक्टर विनय कुमार पाठक का धन्यवाद दिया।
कार्यशाला की सफलता के लिए डॉक्टर राजीव कुमार उपाध्याय ने सभी प्रतिभागियों से यह उम्मीद जताई कि वह इस कार्यशाला के बाद डिजिटल फॉरेंसिक में विशेषज्ञता हासिल करने में सक्षम होंगे। संस्थान के अधिशासी निदेशक प्रो. वीके शर्मा ने एक बार पुनः शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में पधारे प्रतिभागियों का स्वागत करते हुये कार्यशाला के उद्देश्य एवं इसकी आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि पूर्व संयुक्त निदेशक फॉरेंसिक साइंस प्रयोगशाला, आगरा के डॉक्टर ओपी तनेजा ने अपने संबोधन में फॉरेंसिक साइंस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अनुभव साझा किए। उन्होंने विभिन्न घटनाओं का जिक्र किया, जिनमें कानपुर ऑर्डिनेंस धमाका, फैजाबाद का मस्जिद केस, पेट्रोल रिसाव के कारण भारतीय रेलवे में दुर्घटनाएं और आगरा में डॉक्टर का अपने परिवार की हत्या करना आदि शामिल रहे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि साइबर फॉरेंसिक एक अति महत्वपूर्ण विषय है, जिसकी मदद से साइबर जगत में होने वाली घटनाओं को आसानी से सुलझाया जा सकता है।
कार्यशाला के शाम के सत्र में साइबर विशेषज्ञ अंकित मालवीय ने विभिन्न कम्प्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम की जानकारी देते हुए प्रमुखतः लाइनैक्स ऑपरेटिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली पर व्याख्यान दिया, जिसमें विभिन्न कमांड्स की प्रेक्टिकल जानकारी दी, इसके साथ ही उन्होंने काली लाइनैक्स के उपयोग पर प्रकाश डाला। कार्यशाला का सफल संचालन सिविल एंड पर्यावरण विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर निशू वर्मा ने किया। कार्यशाला के अंत में धन्यवाद ज्ञापन इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर अजय पाराशर ने किया।
इस कार्यशाला में संस्थान के डीन फैकल्टी डॉक्टर हरेन्द्र सिंह, डीन एकैडमिक प्रो. पीएस जोसन, डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. एमएस गौर, डॉक्टर कपिल गुप्ता, डॉक्टर राजेश कहरवार, डॉक्टर वीके गुप्ता, पुनीत मंगला, डॉक्टर हितेन्द्र गर्ग, कम्प्यूटर साइंस एंड इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी विभाग के समस्त शिक्षकगण और प्रतिभागी मौजूद रहे।