विदेश में एमबीबीएस करने के इच्छुक युवाओं के लिए क्या जरूरी है, क्या दस्तावेज चाहिए। दिमाग में उभर रहे इसी तरह के सवालों के जवाब देने के लिए दिल्ली में रविवार को सेमिनार का आयोजन हुआ।
बुक माई यूनिवर्सिटी के सौजन्य से करवाए गए इस सेमिनार का उद्देश्य भारतीय छात्र, छात्राओं को बेलारूस मे एमबीबीएस करने के विषय में जानकारी देना था। सभी विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी की निदेशक युक्ति बेनीवाल व अमित वत्स से एमबीबीएस के विषय में सवाल जवाब किए।
मुख्य अतिथि के रूप में बेलारेशियन स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के डीन और हरियाणा के शिक्षा मंत्री शामिल हुए। शिक्षामंत्री राम विलास ने कहा कि शिक्षा हमारे विकास में मददगार साबित होती है। शिक्षा से किसी भी व्यक्ति का सम्पूर्ण विकास होता है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जब विदेश में पढ़ने जाता है तो वह देश का एम्बेसडर बनकर जाता है। विद्यार्थी को शेक्सपियर, रोमियो जूलियट ओर अन्य विदेशी किताबें पढ़ने के साथ साथ मुंशी प्रेमचंद जी की किताबें या अन्य हिंदी सहित्य जरूर पढ़नी चाहिए।
विद्यार्थियों को बेलारूस देश के बारे में काफी कुछ जानने का मौका मिला। सेमिनार बेलारूस में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्र छात्रओं के लिए कारगर साबित हुआ। इस अवसर पर संस्थान की काउंसेलर मानसी शर्मा,आरती झा आदि उपस्थित रहीं।