समाजवादी पार्टी भी खेल रही दाव
बसपा के दो नेताओं को निकाले जाने के बाद माना जा रहा है कि विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा समाजवादी पार्टी से लगातार संपर्क में है। सपा सूत्रों का कहना है कि वर्मा की बीते कुछ समय में समाजवादी पार्टी के बड़े नेताओं से मुलाकात हुई है। बसपा के इस बड़े कदम के पीछे समाजवादी पार्टी के अंदरखाने चल रही दूसरी पार्टी के बड़े नेताओं को अपनी ओर खींचने की रणनीति सामने आई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कुछ अन्य पार्टियों के नाराज नेता और विधायक भी सपा के संपर्क में हैं। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता और पूर्व मंत्री राजेंद्र चौधरी कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव को लेकर उनकी पूरी तैयारियां चल रही हैं। उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश की राजनीति में होने वाली तमाम उठापटक पर समाजवादी पार्टी निश्चित तौर पर गहरी नजर बनाए है। लेकिन इन सबसे अलग उनका और उनकी पार्टी का पूरा मकसद अपने संगठन को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए पूरी तरीके से मुस्तैद करने के लिए है। राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उनकी पार्टी की ओर से बूथ स्तर तक पर सभी दिशा निर्देश जारी कर दिए गए।
भाजपा ने तेज की उत्तर प्रदेश में चुनावी सरगर्मियां
प्रदेश के सबसे पहले भाजपा ने चुनावी राजनैतिक सरगर्मियां को हवा दी। फिर कांग्रेस लगातार कोरोना में मदद के माध्यम से राजनीतिक बिसात को बिछाने में लग गयी। इस दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने गांव में लोगों से अपने ब्लॉक अध्यक्षों और चिट्ठी के माध्यम से सीधा संपर्क करना शुरू किया। इन दोनों पार्टियों के अलावा उत्तर प्रदेश की दो प्रमुख पार्टियां बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी उस तरीके से अभी तक सक्रिय नहीं थी। लेकिन बसपा के दो बड़े नेताओं को निकाले जाने और इनका समाजवादी पार्टी से संपर्क होने से इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि बसपा और समाजवादी पार्टी भी पूरी तरीके से विधानसभा की तैयारियों में जुट गई है।