गुवाहाटी में यूथ वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली हरियाणा की बॉक्सर बेटियों को प्रदेश सरकार एक-एक देसी गाय इनाम में देगी। साथ ही गांव के गौरवपट्ट पर भी बेटियों का नाम प्रमुखता से अंकित किया जाएगा। पदक विजेता बॉक्सर बेटियों के सम्मान में बुधवार को राजीव गांधी स्टेडियम स्थित साई सेंटर में कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने यह घोषणा की।
कृषि मंत्री ने कहा कि हमारी चार बेटियों ने 19 से 26 नवंबर तक हुई चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल और दो ने कांस्य पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया। नकद धनराशि तो सभी विजेताओं को मिलती है। इन बेटियों ने छोटी उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है, इसलिए इन्हें कुछ अलग पुरस्कार मिलना चाहिए। प्रदेश सरकार सभी बेटियों को हरियाणा नस्ल की एक-एक गाय देगी। ताकि बेटियां शुद्ध दूध-दही से अपनी सेहत बनाएं। इसके अलावा विजेता बेटियों का नाम गांव के गौरवपट्ट पर भी लिखा जाएगा। गौरवपट्ट की पहली पंक्ति में शहीद, दूसरी पंक्ति में स्वतंत्रता सेनानी, तीसरी पंक्ति में खिलाड़ी और चौथी पंक्ति में गांव विकास में योगदान देने वाले लोगों का नाम अंकित किया जाएगा।
मंत्री ने यह दिया इनाम का तर्क
भैंस का दूध ताकतवर होता है, जो पहलवानों के लिए जरूरी है। गाय के दूध से सुंदरता के साथ-साथ बुद्धि भी तेज होती है। बॉक्सिंग में विजेता बेटियों ने प्रदेश का नाम रोशन किया है। इसलिए बेटियों को पुरस्कार के तौर पर एक-एक हरियाणा नस्ल की गाय दी जाएगी। - ओमप्रकाश धनखड़, कृषि मंत्री
इन बेटियों ने बढ़ाया मान
मूलरूप से भिवानी के धनाना गांव की नीतू ने 48 किलो भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीता। परिवार की सामान्य स्थिति के बावजूद नीतू ने एक अलग मुकाम बनाकर परिजनों के साथ प्रदेश का भी नाम रोशन किया। वहीं 54 किलो भारवर्ग में धनाना की ही साक्षी ने भी स्वर्ण पदक जीता। रोहतक के रुड़की गांव की ज्योति गुलिया ने 51 किलो और हिसार की शशि चोपड़ा ने 57 किलो भारवर्ग में यह उपलब्धि हासिल की। पलवल की अनुपमा ने 81 किलो भारवर्ग और कैथल की नेहा ने भी 81 प्लस में कांस्य पदक जीता।