बिहार पुलिस अपने पदाधिकारियों और कर्मियों में पेशेवर कुशलता और लापरवाही करते अभियंता और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति बनाए रखना चाहती है। इसी को लेकर इस नीति के तहत वर्ष 2020 में नवंबर माह तक मुख्य रूप से मद्य निषेध अधिनियम के क्रियान्वयन में कोताही, बालू आदि के अवैध खनन, परिवहन में संलिप्त, भूमि संबंधित मामलों और भ्रष्टाचार आदि मामलों में 644 पदाधिकारियों के विरुद्ध अनुशासननिक कार्रवाई की गई है।
पुलिस मुख्यालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, 48 से अधिक पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जिन्हें आरोपों की तुलना में कम सजा दी गई थी। उनके मामलों की समीक्षा करने के बाद पुलिस मुख्यालय की ओर से कड़ी सजा दी गई है। इनमें से 23 पुलिस अफसरों को सेवा से बर्खास्त और पांच सेवा निर्मित पदाधिकारियों को पेंशन में कटौती करने का निर्णय लिया गया है। ये पुलिसकर्मी वर्ष 2016 में गोपालगंज जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में जुड़े हैं।