सीबीआई की छापेमारी के बाद बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर तैनात 32 बिहार सैन्य पुलिस के जवानों को राज्य सरकार ने वापस बुला लिया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले रेलवे होटल टेंडर मामले में मंगलवार (10 अप्रैल) को सीबीआई की टीम पटना स्थित राबड़ी देवी के आवास पहुंची और चार घंटे तक उनसे और उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव से पूछताछ की।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की सात सदस्यीय टीम मंगलवार को करीब दो बजे अचानक राबड़ी देवी के आवास पहुंची थी। कथित रेलवे टेंडर घोटाले में आरोपी बनाए जाने के बाद सीबीआई ने राबड़ी देवी से पहली बार पूछताछ की। सीबीआई ने तेजस्वी यादव का बयान भी दर्ज किया। पिछले साल अक्तूबर में तेजस्वी और लालू प्रसाद यादव से दिल्ली में पूछताछ हो चुकी है। बता दें कि इस मामले में तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी को आरोपी बनाया गया है।
उल्लेखनीय है कि लालू प्रसाद यादव ने कथित तौर पर रेल मंत्री रहने के दौरान रांची तथा पुरी के रेलवे होटलों के रखरखाव का टेंडर कोचर बंधुओं को दिया था। कोचर बंधु सुजाता होटल के मालिक हैं। फिर कोचर बंधुओं ने साल 2005 में पटना स्थित तीन एकड़ जमीन को दस सेल डीड के जरिए सरला गुप्ता की कंपनी डीएमसीएल को स्थानांतरित किया था। बाद में यह जमीन राबड़ी देवी और तेजस्वी के स्वामित्व वाले लारा प्रोजेक्ट्स को दे दी गई थी।
सीबीआई की कार्रवाई पर राजनीति शुरू
भाजपा और जदयू नेता इस कार्रवाई को कानूनी नजर से देखने की बात कर रहे हैं। वहीं राजद और कांग्रेस इसे भावनात्मक रूप से जोड़कर दिखाने की कोशिश कर रही हैं। राजद नेता शक्ति यादव ने कहा कि लालू जी जेल में हैं, तेज प्रताप यादव की शादी की तैयारी चल रही है, ऐसे में सरकार सीबीआई के जरिए लालू परिवार को परेशान कर रही है। उधर, जदयू के प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि सीबीआई कानून के तहत अपना काम कर रही है।