पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के जन्मदिन पर छत्तीसगढ़ में किसानों, वनवासियों और गोबर विक्रेताओं के खाते में 1737.50 करोड़ की राशि ट्रांसफर की गई।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। इस दौरान राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को दूसरी किस्त की 1500 करोड़ की सहायता राशि दी गई। वहीं, तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रोत्साहन पारिश्रमिक और गोधन न्याय योजना की राशि भी किसानों के खातों में ट्रांसफर की गई।
सीएम बघेल ने गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेताओं को 4 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि और तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2018 के प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में 232.81 करोड़ की राशि उनके खातों में ट्रांसफर की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना हमारी न्याय दिलाने की विरासत से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा राजीव गांधी कहा करते थे यदि किसान कमजोर हो जाएगा तो देश अपनी आत्मनिर्भरता खो देगा। किसानों के मजबूत होने से ही देश मजबूत होता है।
उन्होंने कहा कि राजीव गांधी गरीबों, आदिवासियों, किसानों के उत्थान के लिए सतत प्रयास करते रहे। उनके ही सपनों को साकार करने के लिये छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की शुरुआत की है। यह योजना किसानों के लिए संजीवनी साबित हुई है। किसानों को खेती किसानी के लिए प्रोत्साहित करने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सफल हुई है।
वैश्विक महामारी में किसानों को खेती किसानी के लिए कर्ज लेना नहीं पड़ रहा है। किसान आज कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त निवेश कर पा रहा है, यह यदि सम्भव हुआ है तो न्याय योजना से ही हुआ है। इस अवसर पर कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी ने योजना की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार अपनी योजनाओं के माध्यम से गरीबों, किसानों, आदिवासियों के लिए उल्लेखनीय काम कर रही है। देश के विकास के लिए इनकी रक्षा करना जरूरी है, जो कि कांग्रेस की सरकार ही कर रही है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ देश में पहला राज्य है जो किसानों को सीधे तौर बैंक खातों में ट्रांसफर कर 5700 करोड़ की राहत राशि प्रदान कर रहा है। योजना का शुभारंभ राजीव गांधी की जयंती पर 21 मई को किया गया था। तब 19 लाख किसानों को सहायता राशि की पहली किस्त 1500 करोड़ जारी की गई थी।