गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियां वैश्विक आतंकी व अंडवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम पर शिकंजा कसने की नई योजना बनाई है। इसके तहत पाकिस्तान की सरपरस्ती में मजफूज दाऊद और उससे जुड़े सभी मामलों की जांच नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को सौंपने का फैसला किया गया है। एनआईए एकीकृत एजेंसी के तौर पर सिर्फ दाऊद के ही नहीं बल्कि उसके गुर्गेछोटा शकील, टाइगर मेनन, जावेद चिकना के साथ मृत इकबाल मिर्ची और दाऊद की बहन हसीना पारकर के नेटवर्क की भी जांच कर कार्रवाई करेगी।
गौरतलब है कि कानूनन एनआईए आतंकवाद से जुड़े मामले की जांच करने वाली नोडल एजेंसी है जो विदेशों में भी कार्रवाई कर सकती है। दाऊद के विदेशी नेटवर्क होने की वजह से पुलिस व अन्य एजेंसियों को तकनीकी तौर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मदद लेनी पड़ती है। गृहमंत्रालय के आदेश पर एनआईए ने दाऊद के खिलाफ यूएपीए के तहत ताजा मामला दर्ज कर जांच की शुरुआत कर दी है।
सरकारी डोजियर के मुताबिक दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान के करांची स्थित अपने ठिकानों पर रहता है। भारत की दशकों के चल रही तमाम कोशिशों के बावजूद दाऊद हाथ नहीं आ रहा। कई राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की अबतक की जांच के मुताबिक दाऊद टेरर फंडिंग, मादक पदार्थ की तस्करी और नकली नोटों की धंधे से भारत को कमजोर करने का काम लगातार कर रहा है।
1993 के मुंबई धमाके के बाद दाऊद का नेटवर्क अल कायदा, लश्कर ए तोयबा और जैश ए मुहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के लिए भी काम करता है। संयुक्त राष्ट्र ने दाऊद को वैश्विक आतंकवादी घोषित कर रखा है। पिछले साल केरल के सोना तस्करी मामले की जांच में दाऊद का हाथ होने के पूरे सुराग मिले हैं।