44 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) के पुंछ निवासी जवान औरंगजेब का गोलियों से छलनी शव अगवा किए जाने के 12 घंटे बाद देर रात अपहरण स्थल से करीब 8 किमी दूर गुसू गांव के पास बरामद हुआ। जवान के सिर और गर्दन में गोली मारी गई थी। उसका चेहरा क्षत विक्षत था। ऐसा माना जा रहा है कि गोलियां मारने के बाद पत्थर से उसके चेहरे को कुचला गया है।
ईद मनाने घर जा रहा था ऑपरेशन समीर टाइगर का हीरो
हिज्ब आतंकी समीर को 30 अप्रैल, 2018 को ढेर करने वाले मेजर रोहित शुक्ला की टीम में शामिल जाबांज औरंगजेब ने कई बड़े ऑपरेशनों को अंजाम दिया था। औरंगजेब ईद की छुट्टी पर घर जाने के लिए निकला था। शादीमर्ग स्थित अपने कैंप के बाहर उसके साथी ने एक प्राइवेट गाड़ी को हाथ दिया और ड्राइवर से उसे शोपियां तक छोड़ने के लिए कहा। पुलवामा जिले के कलमपोरा इलाके के पास सुबह लगभग 10 बजे यह गाड़ी पहुंची तो 2 से 3 हथियारबंद आतंकियों ने गाड़ी को रोका और जवान को अगवा कर साथ ले गए। घटना के बाद पुलवामा जिले के हर गांव में सर्च आपरेशन चलाया गया। खासकर आतंकियों के घर में गहन छानबीन की गई।
ऑपरेशन शुरू होते ही सुरक्षा बलों पर पथराव
तलाशी अभियान के दौरान पुलवामा के द्रबगाम इलाके में युवाओं ने सुरक्षा बलों पर जमकर पत्थर बरसाए और ऑपरेशन में खलल डालने की कोशिश की। सुरक्षा बलों ने जैसे ही इलाके की घेराबंदी की तो हिंसक झड़पें शुरू हो गईं। इससे काफी देर तक तनाव की स्थिति रही।