बिहार विधानसभा चुनाव से पहले खुद को किंगमेकर मानकर वोट मांगने वाले चिराग पासवान के सामने अब असंतुष्टों की बहुत बड़ी चुनौती है। विधानसभा चुनाव में लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जेल भेजने की बात कर रहे थे, लेकिन अब उनकी पार्टी के लगभग 90 नेताओं ने जदयू में शामिल होने का मन बना लिया है।
लोजपा के कद्दावर नेता केशव सिंह का दावा है कि जदयू में शामिल होते ही वह सबसे पहले लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान पर केस करेंगे। केशव का कहना है कि चिराग ने भाजपा और जनता दल यूनाइटेड दोनों को नुकसान पहुंचाया है।
जानकारों का मानना है कि केंद्र में भी अब चिराग पासवान को कोई जगह नहीं मिलने वाली है। बिहार चुनाव नतीजे के बाद चिराग ने 5 दिसंबर को लोजपा के प्रदेश कार्यसमिति, सभी प्रकोष्ठों एवं जिला इकाइयों को भंग कर दिया था।
कुछ नेताओं के असंतोष को दबाने और पार्टी को संभावित टूट से बचाने के लिए ऐसा किया गया था, लेकिन अब तक पुनर्गठन नहीं किया गया है। जिस पार्टी को रामविलास पासवान ने खड़ा किया था अब उस पार्टी के बंगले को भी खतरा होता दिख रहा है।