महाकाल की नगरी उज्जैन में कथित रूप से जहरीले नशीले पदार्थ का सेवन करने से पिछले 24 घंटे में 11 लोगों की मौत हो गई है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को इस घटना की विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) द्वारा जांच करवाने के निर्देश दिए।
वहीं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने इस घटना को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। कमलनाथ ने कहा,'शिवराज जी, ये माफिया कब तक यूँ ही निर्दोषों की जान लेते रहेंगे?' उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शराब माफिया को संरक्षित कर रही है।
उज्जैन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपेश द्विवेदी ने बताया कि बुधवार से गुरुवार सुबह तक उज्जैन के तीन थाना इलाकों- खाराकुआ थाना, जीवजीगंज थाना और महाकाल थाना में किसी प्रकार के विषैले पदार्थ के पीने से 11 लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि ये सभी या तो भिखारी हैं या गरीब मजदूर हैं।
उन्होंने कहा, 'ये प्रदार्थ क्या है और किसने बेचा, इसकी जांच की जा रही है। हम छापेमारी कर रहे हैं।' पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने थाना प्रभारी खाराकुआ निरीक्षक एमएल मीणा, बीट प्रभारी उप निरीक्षक निरंजन शर्मा और दो आरक्षकों शेख अनवर व नवाज शरीफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
उज्जैन जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) महावीर खंडेलवाल ने बताया, 'ये 11 लोग इतनी बुरी स्थिति में अस्पताल लाए गए थे कि इनमें से कोई भी 15 मिनट से ज्यादा जीवित नहीं रह पाया।' उन्होंने कहा, ये जहरीली शराब, स्प्रिट या कोई अन्य केमिकल भी हो सकता है, जो विसरा जांच में पता चलेगा।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस स्प्रिट या जहरीली शराब की आपूर्ति में गब्बर, यूनुस और सिकंदर के नाम सामने आए हैं, जो यहां से भाग गए हैं। इन्हें पकड़ने के लिए टीमें बलाघाट और अन्य जगहें भेजी गई हैं। कल रात से ही 12 से अधिक लोगों को अवैध शराब बिक्री में पकड़ा गया और उनसे सख्त पूछताछ की जा रही है।
उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि शवों को पोस्टमॉर्टम के बाद विसरा जांच हेतु सागर प्रयोगशाला में भेजा जाएगा और रिपोर्ट आने पर मौत का कारण पता चलेगा। सिंह ने कहा कि प्राथमिक जांच में दो-तीन संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। इनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
सिंह ने कहा कि जांच में कुछ दवा स्टोर्स के नाम भी सामने आये हैं, जिनके कर्मचारियों के सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। दवा बाजार स्थित गुप्ता सर्जिकल मेडिकल के यहां निर्धारित मात्रा से अधिक स्प्रिट पाए जाने पर स्टोर को सील किया गया है। नगर निगम व डॉक्टरों की टीम को फुटपाथ व रैन बसेरों में रह रहे लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए लगाया गया है।
मुख्यमंत्री चौहान ने इस मामले में गुरुवार सुबह अपने निवास पर विशेष बैठक बुलाकर वरिष्ठ अधिकारियों से जानकारी ली। चौहान ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा, ‘ऐसे पदार्थ बेचने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसे व्यक्तियों का नेटवर्क तोड़ा जाए। इस घटना की एसआईटी द्वारा जांच हो।’